धनबाद, जेएनएन: सांसद पीएन सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन को कोरोना चिकित्सा व्यवस्था को विकेंद्रित करना चाहिए। सांसद ने कहा कि जिले भर से संक्रमित धनबाद आ रहे हैं और यहां के चंद अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। बावजूद इसके बेड  नहीं मिलने पर उन्हें यहां से वहां भटकना पड़ता है। इससे बेहतर होता कि सभी प्रखंडों के अस्पतालों में बेड उपलब्ध कराए जाते और वह ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की व्यवस्था की जाती। ताकि लोगों को घर के पास बेड भी मिलता और भटकना भी नहीं पड़ता।

  सांसद ने कहा कि मैथन में एक बड़ा अस्पताल ईएसआई का है जो बेकार पड़ा है। वहां प्रशासन कोविड-19 केयर्स सेंटर बना सकता है। लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। झरिया व कतरास क्षेत्र में भी कोविड-19 अस्पताल बनाया जा सकता है। बीसीसीएल के अस्पतालों का भी इसमें इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अस्पतालों की उपयोगिता भी सिद्ध होगी, लोगों को दूर कर भटकना नहीं पड़ेगा।

 सांसद ने कहा कि सरकार लाकडाउन  लगाने जा रही है। यह अच्छी बात है। आज की तारीख में यह जरूरी है। लेकिन सिर्फ लॉकडाउन लगाने से कोरोना चेन तोड़ना संभव नहीं है। आम आदमी को इलाज की भी समुचित व्यवस्था करानी पड़ेगी।अभी स्थिति यह है कि प्रतिदिन 2 दर्जन से अधिक लोग बेड के लिए फोन करते हैं, और जिलाधिकारी को फोन करने के बाद भी बेड सुनिश्चित नहीं हो पाता है। इसलिए अधिक से अधिक सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता विशेषकर ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। ताकि आम लोगों को परेशानी न झेलना पड़े।

साथ ही लॉकडाउन से पूर्व यह सुनिश्चित कर लेना भी जरूरी है कि इससे आम लोगों की जरूरतें पूरी होती रहे। सांसद ने कहा कि जिला प्रशासन ने जो कंट्रोल रूम बनाया है वह अपने उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर रहा। वह मरीज को नहीं बता पा रहा कि कहां उन्हें बेड मिलेगा कहां नहीं।  पॉजिटिव होने पर इन्हें करना क्या चाहिए क्या नहीं।

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