अस्पताल से लापता भौंरा के बीसीसीएल कर्मी का चौथे दिन भी नहीं चला पता

भौंरा : ईजे एरिया भौंरा एएसपी कोलियरी में जेनरल मजदूर के पद पर कार्यरत 55 वर्षीय लखी राम मांझी एसएनएमएमसीएच अस्पताल से 19 मई को लापता हो गए थे। चौथे दिन भी लखी का कुछ पता नहीं चल पाया है। लखी की पत्नी व स्वजन काफी परेशान हैं।

मामले में लखी की पत्नी सरस्वती मंझियाइन ने पति के लापता होने की सूचना क्षेत्र के कार्मिक विभाग को दी है। सरस्वती ने कहा कि उनके बीमार पति को जबरन चुनाव ड्यूटी में बाघमारा भेजा गया था। वहां उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें बाघमारा से एसएनएमएमसीएच भेजने के बाद उन लोगों को खबर दी गई। वे लोग एसएनएमएमसीएच पहुंचे।

बताया गया कि उनके पति का इलाज इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर 19 पर चल रहा है। काफी खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चला। अस्पताल वाले भी कुछ नहीं बोल रहे थे। वे जब इसकी सूचना सरायढेला थाना में देने गए तो पुलिस ने सहयोग नहीं किया। कहा कि अस्पताल से लिखा कर लाओ। वह थाना व अस्पताल का चक्कर लगाती रहीं। उनकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी।

कहा कि उनके पति लगभग आठ वर्ष से मिर्गी व दिमागी बीमारी से जूझ रहे हैं। उनका इलाज चल रहा है। फिर भी प्रबंधन ने बीमार आदमी को चुनाव ड्यूटी में भेज दिया। उनके दो लड़के, छह लड़कियां हैं। पति ही घर में कमाने वाले एकमात्र सदस्य हैं। वे लोग चंदनकियारी प्रखंड के गुंदलीभीठा गांव में रहते हैं। यहीं से पति ड्यूटी आना-जाना करते थे। गांव व रिश्तेदार के यहां पति की खोजबीन की। कहीं पता नहीं चल पाया।

कार्मिक प्रबंधक ने कहा कि मामले की जांच करा रहे हैं। जल्द ही लखी का पता लगा लेंगे। भौंरा के समाजसेवी और मजदूर नेता मौसम महंती ने कहा कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण लखी लापता हुए हैं। दो दिन में लखी राम मांझी का पता नहीं चला तो उनके परिवार के साथ क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।

Edited By: Jagran