यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Falgun Mahotsav पर श्री श्याम मंदिर झरिया से निकली भव्य निसान शोभायात्रा, तीन दिनों तक बहेगी भक्ति की बयार
Falgun Mahotsav अमलापाड़ा स्थित श्री श्याम मंदिर खाटू धाम झरिया में तीन दिवसीय श्री फाल्गुन महोत्सव का शुभारंभ रविवार को ...और पढ़ें

जासं, झरिया। अमलापाड़ा स्थित श्री श्याम मंदिर खाटू धाम झरिया में तीन दिवसीय श्री फाल्गुन महोत्सव का शुभारंभ रविवार को भव्य निशान शोभायात्रा के साथ हुआ। 10 हजार से अधिक श्याम भक्त शोभा यात्रा में रंग-बिरंगे निशान शामिल हुए। सभी हाथ में निसान लेकर श्याम भजन गाते नाचते चल रहे थे। मंदिर द्वार से झरिया शहर का भ्रमण श्याम भक्तों ने किया। शोभा यात्रा की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंदिर से लेकर झरिया बाजार तक श्याम भक्तों की लाइन लगी हुई थी। जगह-जगह सामाजिक संस्था के लोगों ने श्याम भक्तों का शरबत, पानी से स्वागत किया। श्री श्याम मित्र मिलन मंदिर के कार्यकर्ता साथ चल रहे थे।
मंदिर कमेटी के लोगों ने कहा कि साढ़े छह हजार निशान के कूपन बनाए गए थे। सभी श्याम भक्तों ने ले लिए। इसके अलावा सैकड़ों लोग शोभायात्रा में शामिल हुए। कोराना काल को देखते हुए श्याम भक्तों अलग-अलग टोली में चल रहे थे। लाल बाजार, लक्ष्मनिया मोड़, सब्जी पट्टी, बाटा मोड़, मेन रोड, चार नंबर मोड़, धर्मशाला रोड, चिल्ड्रेन पार्क मोड़ होते हुए निसान लेकर श्याम भक्त खाटू धाम पहुंचे। यहां श्याम भक्तों ने बाबा को निशान अर्पित किए।
विधि-व्यवस्था के लिए झरिया थाना पुलिस चल रही थी साथ
झरिया श्याम मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय फाल्गुन महोत्सव के पहले दिन की निसान शोभा यात्रा में विधि- व्यवस्था बनाए रखने के लिए झरिया थाना पुलिस सक्रिय रही। शोभा यात्रा के आगे और पीछे के अलावा हर चौक-चौराहों पर पुलिस थे। शांति समिति के सदस्य भी विधि-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को सहयोग कर रहे थे।
झरिया शहर में वाहनों के आवागमन पर लगाई गई रोक
झरिया शहर में निकली भव्य निशान शोभा यात्रा को लेकर रविवार को शहर के आवागमन को वन वे कर दिया गया था। इंदिरा चौक के पास बैरियर लगाकर यात्री वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी। यहां पुलिस भी तैनात किए गए थे। बाटा मोड़ और लक्ष्मीनिया मोड़ के पास भी पुलिस की तैनाती थी। चार घंटे तक झरिया में वन वे ट्रैफिक की व्यवस्था रही।
