जागरण संवाददाता, निरसा: विवाहिता संगीता देवी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले तांत्रिक मनोज बाउरी ने पुलिसिया दबाव में आकर अंततः धनबाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है। हालांकि तांत्रिक के स्वजन ने किसी को भी इस बात की भनक नहीं लगने दी कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया है। तांत्रिक के जेल जाने के बाद संगीता के स्वजनों का कहना है कि ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं। तथाकथित तांत्रिक मनोज बाउरी को उसके किए के लिए फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

स्‍वजनों ने तांत्रिक पर लगाया था आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने का आरोप

16 अगस्त की रात निरसा थाना क्षेत्र के विद्यासागर कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाली बेलचढी निवासी 27 वर्षीय संगीता देवी ने अपने दुपट्टे को फंदा बनाकर आत्‍महत्‍या कर ली थी। जांच में यह बात सामने आई कि तथाकथित तांत्रिक मनोज बाउरी ने उसे आत्महत्या के लिए प्रेरित किया। फांसी के फंदे को गले लगाते समय भी संगीता इसी तांत्रिक मनोज के साथ वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। यह सारी घटना संगीता के आठ साल के बेटे की आंखों के सामने घटी। इस वारदात के बाद से ही तांत्रिक फरार चल रहा था। मृतका का पति राजू चौहान आइटीबीपी में उत्तराखंड में पोस्टेड है। घटना के चौथे दिन वह निरसा पहुंचा, तब जाकर संगीता के शव का अंतिम संस्कार हुआ था। इस संबंध में मृतका के भाई रवि चौहान ने निरसा थाने में तांत्रिक मनोज बाउरी के खिलाफ बहन को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की शिकायत दर्ज कराई थी।

तांत्रिक एवं संगीता में लगातार बातचीत के मिले सबूत

घटना के बाद पुलिस ने मृतका संगीता के मोबाइल का कॉल डिटेल्स निकाला है, जिसमें उसकी तांत्रिक से लगातार घंटों बातचीत करने के सबूत मिले हैं। यहां तक कि मृतका फांसी लगाने के समय भी फोन पर तांत्रिक से बातचीत कर रही थी।

इधर, पुलिस ने बतौर सबूत मृतका के मोबाइल से फोटो निकालने के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति लेने के लिए आवेदन दिया है। अनुमति मिलते ही मोबाइल फोन से फोटो भी निकाले जाएंगे। पुलिस विभाग का मानना है कि मोबाइल की गैलरी में मौजूद फोटो से पुलिस के हाथ और भी कई सबूत लगेंगे।

Edited By: Deepak Kumar Pandey

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट