जागरण संवाददाता, धनबाद : एसएनएमएमसीएच में सीनियर रेजिडेंट की कमी के कारण अस्पताल में चिकित्सकीय सेवा प्रभावित हो रही है। सीनियर रेजिडेंट नहीं होने के कारण ओपीडी से लेकर इंडोर तक मरीजों को सही से सेवा नहीं मिल रही है। इसकी कमी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने मुख्यालय को सूचित किया है। साथ ही सीनियर रेजिडेंट की मांग की है। इधर, अस्पताल प्रबंधन की मांग के बाद मुख्यालय में अक्टूबर में सीनियर रेजिडेंट देने का आश्वासन दिया है। फिलहाल अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के लगभग 60 पद हैं। इसमें से लगभग 55 पद खाली हो गए हैं। एक साल अनुबंध वाले सीनियर रेजिडेंट का कार्यकाल हुआ पूरा

राज्य सरकार ने विशेष करार के तहत एक साल के लिए सीनियर रेजिडेंट के पद पर शिक्षकों की बहाली की थी। यह सभी चिकित्सक पीजी अर्थात विशेषज्ञ थे। वर्ष 2020 में 34 सीनियर रेजिडेंट ने एक साल के लिए अस्पताल में सेवा शुरू की थी। अब इन सभी का कार्यकाल खत्म हो गया है। इसके साथ ही तीन साल के कार्यकाल के लिए बहाल हुए लगभग 20 सीनियर रेजिडेंट का भी कार्यकाल पूरा हो गया है। इन सभी ने भी अस्पताल छोड़ दिया है। नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम कभी भी कर सकती है दौरा

मेडिकल कालेज में सीटों की मान्यता के लिए जल्द नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम आने वाली है। मेडिकल कालेज में अभी भी शिक्षकों के पद लगभग 30 प्रतिशत खाली हैं। ऊपर से अब सीनियर रेजिडेंट के तमाम पद खाली होने के अस्पताल को काफी परेशानी हो सकती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा 100 सीटों पर नामांकन के लिए तमाम कोशिशें की जा रही है। लेकिन चिकित्सकों व शिक्षकों की कमी इसमें रोड़ा बन सकती है।

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अक्टूबर में सीनियर रेजिडेंट की बहाली हो जाएगी। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सेवा मिले, इसकी कोशिश हो रही है।

डा. अरुण कुमार वर्णवाल, अधीक्षक

Edited By: Jagran