धनबाद, जेएनएन। धनबाद। जिला परिषद धनबाद को नया मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी (सीईओ) मिलने के बाद भी स्थिति सामान्य होती नजर नहीं आ रही है। जिला परिषद चेयरमैन रॉबिन गोराई का सीईओ शशि रंजन के साथ विवाद शुरू हो गया है। गोराई ने विकास कार्यो के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

उप विकास आयुक्त कुलदीप चौधरी का स्थानांतरण और शशि रंजन के पदस्थापन के बाद उम्मीद की जा रही थी कि जिला परिषद की कार्यसंस्कृति में बदलाव आएगा। लेकिन, ऐसा दिख नहीं रहा है। चेयरमैन ने उपायुक्त उपायुक्त आंजनेयुलु दोड्डे को पत्र देकर डीडीसी सह सीईओ पर पंचायती राज के नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। कनीय अभियंता व सहायक अभियंता की संविदा पर नियुक्ति को लेकर फरवरी 2017 को संपन्न हुई बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया था, इस दिशा में अब तक कार्यवाही नही हुई है। अभियंताओं के नहीं रहने के कारण कार्य निष्पादन प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में जिला परिषद में एकमात्र कनीय अभियंता और दो सहायक अभियंता हैं। एक सहायक अभियंता अगले माह सेवा निवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में नियुक्ति नहीं होने पर परिषद का काम ठप हो जाएगा।

सदस्य ने दी आत्मदाह की चेतावनी : निरसा से जिला परिषद सदस्य मिथुन रोहिदास ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। दास के अनुसार पिछले डेढ़ साल से ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकर द्वारा की गई जलापूर्ति की राशि का भुगतान परिषद की ओर से नहीं किया गया है। रोजना टैंकर वालों का तगादा उनके पास आता है। वे इससे परेशान हैं। यदि अब भी बात नहीं बनी तो वे आत्मदाह को मजबूर होंगे।

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