चासनाला : एक राष्ट्र में दो पुनर्वास नीति है। बीसीसीएल, कोल इंडिया की आरएंडआर पॉलिसी अलग तो देश की अलग है। दोनों अलग-अलग पुनर्वास नीति को समाप्त करने के लिए एक बड़े जन आंदोलन की जरूरत है। उक्त बातें धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कही। मेयर बीसीसीएल के सुदामडीह फायर पैच के प्रभावितों के दर्द को सुनने के लिए शनिवार की शाम नीचे माइनस स्थित फ्रीडम क्लब मैदान परिसर में पहुंचे थे। सभा में कहा कि सेल व केंद्र की पुनर्वास नीति एक जैसा व बहुत अच्छा है। सेल के तासरा प्रोजेक्ट में वैसे प्रभावित जिनकी अपनी जमीन तक नहीं है। उन्हें साढ़े पांच सौ स्क्वायर फिट में मकान बनाकर दिया गया। परंतु बीसीसीएल में 10 हजार यह कैसा नियम है। हमने बेलगढि़या के आवास को देखा है। यह लोगों के रहने लायक नहीं है। आप घबराए नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक हर एक परिवार को पक्का मकान देने का जो संकल्प लिया है उस पर धनबाद निगम जोरशोर से काम कर रहा है। अब तक भूस्वामित्व (जमीन मालिकों) को सवा दो लाख रुपये में करीब 13 हजार से भी अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बन चुका है। आगे भी जारी है। करीब तीन सौ करोड़ रुपये निगम ने इसमे खर्च किए हैं। कहा कि जिनकी जमीन नहीं है। बीसीसीएल, रेल, सेल व किसी अन्य की जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें भी चिन्हित कर पक्का मकान दिया जाएगा। भूली में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर करीब 500 सौ एकड़ जमीन पर 60 -70 हजार घर बन सकता है। परंतु मामला अटका पड़ा है। कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बीसीसीएल सीएमडी से वार्ता कर प्रभावितों को उनका हक दिलाएंगे। जरूरत पड़ी तो पुनर्वास कानून में बदलाव के लिए दिल्ली भी जाएंगे। सभा की अध्यक्षता पार्षद प्रियंका देवी व संचालन प्रकाश बाउरी ने किया। मौके पर उचित महतो, सोमित सुपकार, गीता देवी, मनोज विश्वकर्मा, कुंदन सिंह, सुनीता देवी, अष्टमी देवी, गोपाल गुप्ता, संजय विश्वकर्मा, चुमकी देवी आदि थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस