धनबाद, जेएनएन। बाघमारा प्रखंड के अंगारपथरा लोडिंग धाैड़ा निवासी 85 वर्षीय मुनीलाल यादव का राशन कार्ड रद करने और राशन न मिलने के कारण उसके भुखमरी के कगार पर पहुंच जाने को राज्य के खाद्य आपूर्ति मामले के मंत्री सरयू राय ने भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने गुरुवार को धनबाद पहुंचकर जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की। इस मामले को Jharkhand High court  ने बुधवार को संज्ञान लिया था। जस्टिस एचसी मिश्रा व जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने धनबाद के उपायुक्त से 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

मंत्री ने धनबाद सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 2017 में मुनीलाल का राशन कार्ड रद कर दिया गया। इसके बाद से डीलर द्वारा उसे राशन नहीं दिया जा रहा है। यह भी बात सामने आ रही है कि मुनीलाल के अंगूठे का निशान घिस जाने के कारण बायोमेट्रिक मशीन से मैच नहीं खा रहा था। इस कारण राशन बंद कर दिया गया। मंत्री ने बताया कि किन परिस्थियों में मुनीलाल का राशन कार्ड रद किया गया। इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही जब राशन कार्ड रद कर दिया गया तो बायोमेट्रिक से अंगूठे का निशान मैच करने की बात कहां से आ रही है। मंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा है कि बायोमेट्रिक मशीन में लाभुक के अंगूठे का निशान मैच नहीं करने पर राशन बंद करने को कोई आदेश है तो बताएं? उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठे का निशान मैच नहीं करने पर भी राशन बंद नहीं किया जा सकता है। इसके लिए ऑफलाइन व्यवस्था है। लाभुक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है। ओटीपी दिखाने पर डीलर को राशन देना होता है।

समीक्षा बैठक के दाैरान मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद राशन कार्ड रद करने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। झारखंड हाई कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के सवाल पर कहा कि उपायुक्त धनबाद से रिपोर्ट मांगी गई है। वह हाई कोर्ट जवाब देंगे कि राशन बंद करने के लिए काैन अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेवार हैं?

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Posted By: mritunjay

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