मुगमा : कंचनडीह स्थित कालीमाता कॉलोनी के समीप एनएचटू सिक्सलेन निर्माण को लेकर सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए सोमवार को एसडीएम अनन्य मित्तल, कार्यपालक दंडाधिकारी पंकज कुमार, निरसा थाना प्रभारी सुषमा कुमारी पहुंचीं। ग्रामीणों ने अधिकारियों का विरोध करते हुए कहा कि उनके पास जमीन के कागजात हैं। प्रशासन पहले मकान का मुआवजा का भुगतान करे। उसके बाद मकान तोड़ने दिया जाएगा। करीब तीन घंटे बाद विधायक अरूप चटर्जी से वार्ता हुई। वार्ता के बाद विधायक के आश्वासन पर अधिकारी लौट गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को पांच दिन का समय दिया है।

ग्रामीण सुरेश ¨सह, जितेन्द्र कुमार ¨सह, सुरेन्द्र वर्णवाल, नकुल वर्णवाल, कमला देवी, रीता देवी, आशा देवी आदि का कहना है कि हमलोग पिछले पचास वर्षो से अधिक समय से मकान बनाकर रह रहे हैं। बगैर मुआवजा के हम मकान नहीं तोड़ने देंगे। अधिकारियों ने कहा कि मुआवजा को ले भूअर्जन पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में बात करेंगे। उनके दिशा निर्देशों के अनुसार काम किया जाएगा। यदि मुआवजा का प्रावधान है तो मुआवजा अवश्य मिलेगा। यदि मुआवजा का प्रावधान नहीं है तो लोगों को मकान खाली करना पड़ेगा।

वहीं विधायक ने कहा कि सरकार एक ओर प्रधानमंत्री आवास बनाकर लोगों को बसाने का काम कर रही है तो दूसरी ओर बसे-बसाये आवासों को खाली कराने का काम कर रही है। सरकार की यह दोहरी नीति समझ से परे है। अच्छे दिन दिखानी वाली सरकार लोगों के मकानों को तोड़कर बेघर करने का काम कर रही है।

Posted By: Jagran

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