धनबाद, जेएनएन। Nishikant Dubey PhD degree Case झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय क्या चाहते हैं? क्या वह झारखंड पुलिस की छवि को चमकाना चाहते हैं या गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे को पीएचडी डिग्री केस में फंसना ? यह तो सरयू राय ही बेहतर बता सकते हैं। लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गोड्डा के भाजपा सांसद दुबे के बीच राजनीतिक लड़ाई में कूद पड़े हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर झारखंड पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। राय के ट्वीट के बाद राजनीतिक हलकों में दुबे के पलटवार का इंतजार है। क्योंकि दुबे भी चुप बैठने वालों में नहीं हैं। इस ट्वीट के बाद माना जा रहा है कि झारखंड की राजनीति में राय और दुबे के बीच वार-पलटवार देखने को मिलेगा।

क्या है पूरा मामला

आरोप है कि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा के फायरब्रांड सांसद निशिकांत दुबे की पीएचडी की डिग्री फर्जी है। इस मामले की झारखंड पुलिस जांच कर रही है। देवघर जिले में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। इसी मामले की जांच में दुमका प्रक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक प्रिया दुबे ने प्रताप विश्वविद्यालय जयपुर के डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। इस पत्र पर ही सरयू राय ने सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट किया है। 

काैन हैं सरयू राय

सरयू राय झारखंड के पश्चिमी जमशेदपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह पूर्व भाजपाई हैं। झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ विवाद होने पर साल 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में राय बागी हो गए थे। मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के ताैर पर चुनाव लड़ा। तबके मुख्यमंत्री और भाजपा प्रत्याशी रघुवर दास को चुनाव में पराजित कर झारखंड की राजनीति में तहलका मचा दिया। राय खुद को वन मैन आर्मी कहते हैं।

Edited By: Mritunjay