विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सूर्या हांसदा एनकाउंटर पर आया जयराम महतो का रिएक्शन, कहा- जिनके पूर्वजों ने झारखंड के गोलियां खाईं वही...

Published: Tue, 12 Aug 2025 08:35 PM (IST)

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सुप्रीमो जयराम महतो ने सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आदिवासी ...और पढ़ें

सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर बोले जयराम महतो
सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर बोले जयराम महतो

HighLights

  1. सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले पर जेएलकेएम की चिंता |
  2. आदिवासियों के शोषण पर जयराम महतो का बयान |
  3. कम समय में चुनावी तैयारी जयराम महतो |

जागरण संवाददाता, धनबाद। विधानसभा चुनाव में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रहे सूर्या हांसदा के एनकाउंटर मामले पर पार्टी सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि जिन आदिवासियों के पूर्वजों ने झारखंड राज्य लड़ कर लिया, उन्हें आज एनकाउंटर का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अपराधी, नक्सली और एनकाउंटर के नाम पर आदिवसियों का दोहन किया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति भी इसी आदिवासी समाज से आते हैं। आदिवासी मूलधारा से बाहर कैसे जा रहे हैं, यह चिंता का विषय है और इस पर बुद्धिजीवियों को सोचना होगा।

बैकग्राउंड के बारे में नहीं थी जानकारी 

एक कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को धनबाद परिसदन पहुंचे विधायक जयराम महतो ने कहा कि बीते विधानसभा चुनाव के दौरान पूरी तैयारी के लिए उनकी पार्टी को महज 30 दिनों का समय मिला था।

वे खुद भी दो सीटों से चुनाव लड़ रहे थे। ऐसे में उनके और पार्टी के पास वक्त की काफी कमी थी। पार्टी का आधार कोयलांचल था, लेकिन अन्य जगहों को लेकर पार्टी संसदीय बोर्ड ने यह निर्णय लिया था कि वैसे प्रत्याशियों को टिकट दिया जाएगा, जो पूर्व के चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर चुके थे।

जयराम ने कहा कि संताल में 2019 के चुनाव में सूर्या हांसदा ने भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ा था। उन्हें 45 हजार से अधिक वोट मिले थे और उम्मीद थी कि इस चुनाव में 50 हजार वोट भी मिलता है तो पार्टी के लिए अच्छा होता। कम समय होने के कारण उनके बैकग्राउंड को जानने का प्रयास नहीं किया गया।

यह भी पढ़ें- Surya Hansda: 2009 में अपराध से राजनीति में एंट्री, बीजेपी सहित इन पार्टियों का रह चुका है दुलारा