झरिया (धनबाद), जागरण संवाददाता। बस्ताकोला क्षेत्र संख्या नौ के राजापुर परियोजना में शुक्रवार को अवैध कोयला खनन के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। इसकी पुष्टि भी हो गई है। कोयले की चट्टान ऊपर से गिरने के कारण तीनों की मौत हुई। मृतकों में 40 वर्षीय नागेश्वर महतो, 20 वर्षीय पंकज कुमार व 13 वर्ष की चंदा कुमारी शामिल हैं। सभी मृतक लिलोरीपथरा झरिया के हैं। जहां अवैध कोयले का उत्खनन किया जा रहा था, वह क्षेत्र राजापुर परियोजना के अंतर्गत आता है।

यह डेको आउटसोर्सिंग परियोजना क्षेत्र में है। हालांकि यहां से कोयला निकालने की शुरुआत डेको कंपनी ने नहीं की थी। लेकिन पास ही बनाए गए रास्ते से वाहनों का आना-जाना होता था। चंदा झरिया के एक स्कूल कक्षा में सातवीं में पढ़ती थी। मृतक के परिजन रो रोकर बेहाल हैं। तीनों के शव को झरिया पुलिस ने निकलवा कर अपने कब्जे में कर लिया है।

घटनास्थल के पास 2-3 जोड़ी चप्पल, 3-4 टोकरियां, साड़ी का फटा कपड़ा भी मौजूद है। इससे आशंका जताई जा रही है कि मलबे में और भी कई लोग दबे हैं। लगभग छह लोगों के दबे होने की बात स्थानीय लोग कह रहे हैं।

सुबह की घटना: घटना सुबह नौ बजे की है। एक घंटे बाद लोगों को मामले का पता चला। इसके बाद जंगल में आग की तरह खबर फैल गई। सूचना पाकर झरिया थाना प्रभारी रंधीर कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। राजापुर के पीओ व प्रबंधन को घटना की जानकारी दी। पुलिस घटनास्थल से मलबा हटाने की तैयारी में जुटी है।

वर्षों से चल रहा मौत का खेल: स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां वर्षों से पेट की आग बुझाने के लिए लोग कोयले का अवैध खनन करते आ रहे हैं। बालूगद्दा, बर्फकल, दोबारी खाद और आसपास के लोग अवैध कोयला खनन में शामिल हैं। यहां से कोयला निकाल कर बालूगद्दा में जमा किया जाता है। वहां से तस्कर कोयले को ट्रक में भरकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों के हार्ड कोक भट्ठों में बेच देते हैं। जान पर खेलकर कोयला निकालनेवालों की मजदूरी सबसे कम होती है।

कई बार पुलिस को दी सूचना: स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार झरिया पुलिस और प्रबंधन को अवैध कोयला खनन की जानकारी दी, इसके बावजूद झरिया पुलिस और बीसीसीएल प्रबंधन गंभीर नहीं हुआ। कोयला चोरी रोकने की जिम्मेवारी राजापुर के परियोजना पदाधिकारी और सीआईएसएफ की भी है, लेकिन इन्होंने भी गंभीरता नहीं दिखाई।

मचा हड़कंप: घटना के तीन घंटे बाद भी बीसीसीएल प्रबंधन, परियोजना पदाधिकारी और सीआईएसएफ के अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं। अवैध कोयला खनन के दौरान हुई मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लोग घटना के बारे में बोलने से परहेज कर रहे हैं। मलबा हटाने के बाद ही अन्य मृतकों के बारे में पता चल पाएगा। 

Posted By: Deepak Pandey