धनबाद, जेएनएन। गुरुवार की रात मंसूर शेख (30) ने अपने बड़े भाई अख्तर शेख (35) की गर्दन काट डाली। मंसूर इतने में ही नहीं रुका। उसने बचाने आए दूसरे सगे भाई मुख्तार शेख (45) व उसकी पत्नी का भी हाथ काट डाला। वारदात के पीछे जमीन विवाद बताया जा रहा है। यह घटना साहिबगंज जिले के राधानगर थाना क्षेत्र की पूर्वी उधवा पंचायत के चामा गांव की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची व शव को कब्जे में ले लिया। घायलों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार पूर्वी उधवा दियारा पंचायत के चामाग्राम निवासी स्वर्गीय जोहाक शेख के पांच पुत्रों के बीच आवासीय मकान के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। सबसे बड़ा पुत्र मुश्ताक शेख बगल में अलग से मकान बनाकर रहता है। शेष चार भाई रब्बुल शेख, अख्तर शेख, मुख्तार शेख व मंसूर शेख एक ही मकान में रहते हैं। तीन दिन पहले ही पंचायत के मुखिया साबेर अली व अन्य लोगों की मौजूदगी में पंचायत कर मामले को सुलझा दिया गया था लेकिन मंसूर शेख को फैसला मंजूर नहीं था। इसलिए वह मन में कुछ और ठान रखा था।

गुरुवार शाम तीनों भाई मुख्तार, अख्तर व मंसूर ने गांव के मस्जिद में नमाज अदा की। इसके बाद रात्रि करीब नौ बजे अपने अपने घर में खाना खा रहे थे। इस बीच अचानक मंसूर शेख हाथ में तेज धारदार हंसुआ लेकर अख्तर शेख से उलझ गया तथा गर्दन पर वार कर दिया। बीच बचाव करने के लिए आए मुख्तार शेख पर भी वार किया जिससे उसका बायां हाथ कट गया। इस दौरान मुख्तार शेख की पत्नी भी बीच में आ गई तो उसपर भी मंसूर शेख ने हंसुआ से वार कर घायल कर दिया। घटना के बाद वह बीबी बच्चों को लेकर घर से फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलने पर मौके पर राधानगर थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनों घायल का अनुमंडलीय अस्पताल राजमहल में प्राथमिक उपचार के बाद भागलपुर रेफर कर दिया गया है। राधानगर थाना प्रभारी ब्रजेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस एहतियात के तौर पर चामाग्राम में कैंप कर रही है। मृतक अख्तर शेख फेरी कर बर्तन बेचता था।

Posted By: Sagar Singh

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