जागरण संवाददाता, धनबाद: भारतीय संविधान की शक्ति उसके उद्देश्य उसमे वर्णित सामाजिक, आर्थिक न्याय की परिकल्पना समझने का इससे अच्छा अवसर कोई नहीं हो सकता ऐसे तो हम रोज संविधान के प्रावधानों के तहत ही काम करते हैं परंतु वर्ष में एक दिन ऐसा भी होता है।  जिसमें हम अपने संविधान के प्रति निष्ठा प्रकट करने के लिए एक जगह एकत्रित होते हैं, इसी कारण आज हम लोगों ने संविधान की शपथ ली है। और उसके प्रस्तावना को पढा है ।उक्त बातें शुक्रवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा ने संविधान दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कही।

कार्यक्रम में धनबाद के तमाम न्यायिक पदाधिकारी,विधिक स्वयंसेवक,सिविल कोर्ट कर्मचारी ,बार एसोसिएशन के तमाम अधिवक्ता और उपस्थित अधिकारियों ने संविधान के प्रस्तावना को न्यायाधीशों के संग पढा। और संविधान में अपनी निष्ठा प्रकट की। न्यायाधीश श्री शर्मा ने सभी से संविधान के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने की अपील की। न्यायाधीश ने बताया कि 11 दिसंबर को धनबाद में वृहद स्तर पर एक दिवसीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है जिसमें सभी तरह के सुलहनीय मामलों का निपटारा किया जाएगा।

उन्होंने आम लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में नेशनल लोक अदालत में आकर अपने विवादों का निपटारा करवाएं।वहीं बार एसोसिएशन में भी अधिवक्ताओं ने संविधान की शपथ ली और प्रस्तावना को पढा ।इस मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश टी हसन,जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार श्रीवास्तव ,राजीव आनंद, स्वयंभू ,प्रेमलता त्रिपाठी ,सुजीत कुमार सिंह ,तौफीक अहमद ,एसएन मिश्रा ,प्रभाकर सिंह ,राजकुमार मिश्रा अखिलेश कुमार ,नीरज कुमार विश्वकर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार ,अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप , अवर न्यायाधीश निताशा बारला, राजीव त्रिपाठी सिविल जज श्वेता कुमारी ,शिवम चौरसिया ,सफदर नायर ,निर्भय प्रकाश ,विशाल माजी, प्रतिमा उरांव ,पूनम कुमारी , रजिस्ट्रार एस एस तिर्की, धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सहाय, महासचिव जितेंद्र कुमार समेत सिविल कोर्ट के कर्मचारी ,अधिवक्ता उपस्थित थे

Edited By: Atul Singh