निचितपुर : कुड़माली भाखि चारि अखाड़ा के बैनर तले गुरुवार की शाम को धारजोरी में कुड़मी समाज की हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अपनी भाषा एवं संस्कृति को बचाये रखने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होना होगा। वक्ताओं ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकने की जरूरत है। इसके लिए सभी को आगे आना होगा। 1931 के पूर्व कुड़मी जाति एसटी की सूची में सूचीबद्ध था लेकिन इसके बाद एक साजिश के तहत इसे सूची से हटा दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कुड़मी जाति को पुन: एसटी की सूची में शामिल करें अन्यथा आंदोलन को ओर धारदार बनाया जायेगा। वक्ताओं ने नेगाचारी एवं संस्कृति की विस्तृत जानकारी दी। सभा की अध्यक्षता भीम महतो तथा संचालन जितेंद्र नाथ महतो ने किया। वक्ताओं में तारोनी बानुहर, पूर्व पार्षद गणपत महतो, संजय महतो, काली महतो , सुधीर महतो, सहदेव महतो, साधन महतो, मनोहर महतो, नागेश्वर महतो, उमा देवी, अनीता देवी, हेमा देवी, चारी देवी, गंगाधर महतो, राम प्रसाद महतो आदि शामिल थे।

By Jagran