जागरण संवाददाता,देवघर। बाबा की नगरी देवघर में नवंबर तक एयरपोर्ट तैयार हो जाने की उम्‍मीद है। सब कुछ ठीक रहा तो और जिम्‍मेदार एजेंसियों ने दृढ़इच्‍छाशक्ति से काम किया तो साल के अंत तक यहां से उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। सिविल वर्क का काम अंतिम चरण में है। दरअसल पीएम मोदी का सपना है कि देश में हवाई सेवा सुलभ हो। इसी परिप्रेक्ष्‍य में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत देवघर में एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री ने 25 मई, 2018 को शिलान्यास किया था।

बारिश के कारण देवघर में पड़ा व्‍यवधान

शिव नगरी देवघर को एयरपोर्ट से जोड़ने की तैयारी हो रही है। एयरपोर्ट के तय समय में तैयार होने में बारिश ने व्‍यवधान डाला है। एयरपोर्ट अथारिटी ने सिव‍िल वर्क पूरा करने की अंतिम समय सीमा 31 अगस्‍त तय की थी, मगर अब अक्‍टूबर से पहले काम पूरा होने की उम्‍मीद नहीं है। हालांकि 12 अगस्त को कैलिब्रेशन फ्लाइट से रनवे की टेस्टिंग नागर विमान पत्तनम प्राधिकार के चार अधिकारियों की टीम ने कर ली है। यहां से कामर्शियल जहाज के उड़ान भरने के लिए डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन दिल्ली से लाइसेंस लेने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। 2500 मीटर लंबे रनवे पर लाइट लगाने का काम अंतिम चरण में है। यह लाइट जहाज को रात और खराब मौसम में रनवे का रास्ता बताती है। टर्मिनल बिल्डिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) का सिविल वर्क लगभग पूरा होने को है। एप्रोच रोड के लिए एयरपोर्ट अथारिटी लगातार नागर विमानन विभाग से पत्राचार कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इंडिगो, स्पाइस जेट एवं एयर एशिया की बातचीत चल रही है। यहां से कोलकाता, पटना, रांची, दिल्ली, बेंगलुरु को यात्री उड़ान भर सकेंगे। इस रनवे से 180 यात्रियों वाला विमान आराम से उड़ान भर सकता है। शुरुआत में घरेलू विमान सेवा शुरू होगी।

बाबा दरबार की राह होगी आसान

एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होते ही देवघर का जुड़ाव देश व विदेश से हो जाएगा। दिल्ली, कोलकाता के बीच सीधी सेवा शुरू होने से विदेश से भी लिंक होगा। पहले दूर दराज के लोग समय के अभाव में बाबा दर्शन के लिए नहीं आ पाते थे। ट्रेन से लिंक नहीं मिलने की वजह से समय प्रबंधन नहीं हो पाता था। ऐसे भक्‍त दिल्ली से देवघर आकर बाबा का दर्शन कर शाम तक वापस भी लौट सकेंगे।-

एयरपोर्ट का सिविल वर्क 90 फीसद पूरा हो गया है। टर्मिनल से लेकर एटीसी का काम अंतिम चरण में है। अक्टूबर तक सिविल वर्क पूरा होने की उम्‍मीद है। इसके आगे एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया तय करेगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की स्पाइस जेट, इंडिगो और एयर एशिया से बात चल रही है।

किशन कुमार दास, प्रोजेक्ट इंचार्ज, देवघर एयरपोर्ट।

Edited By: Mritunjay