जागरण संवाददाता,धनबाद: नवादा के फरहा गांव निवासी स्वर्ण व्यवसायी अभय कुमार की लूट के दौरान हुई हत्या के मामले को लेकर पुलिस सात माह बाद भी अपराधियों का सुराग नहीं ढुंढ पायी।हालांकि पुलिस ने इसके लिए अपराधियों के तह तक जाने के लिए पुलिस की टीम ने कोलकाता से लेकर नवादा तक मामले की छानबीन की मगर अपराधियों का सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस इस मामले में पूरी तरह विफल है।

यह थी घटना: 14 फरवरी को कोलकाता से नवादा जाने वाली दयाल बस में तोपचांची के पास अज्ञात अपराधियों द्वारा नवादा के स्वर्ण व्यवसायी अभय कुमार पर होली चला दी गयी थी और उनके पास रखे ढाई लाख के सोने के आभुषण लूट लिए गये थे। गोली लगने से अभय कुमार की मौत हो गयी थी। अभय के साथ उसका साथी मनीष था दोनों स्वर्ण व्यवसायी ही थे।मामले में तात्कालीन एसएसपी असीम विक्रांत मिंज ने जांच के लिए एसआइटी का गठन किया था। बावजूद इसके पुलिस के हाथ सात माह बीत जाने के बाद भी खाली ही है।

कोलकाता-नवादा के बीच घुमती रह गयी पुलिस: पुलिस इस मामले में कोलकाता- नवादा के बीच ही घुमती रह गयी। पुलिस एक भी पुराने अपराधियों को हिरासत में भी नहीं ले पायी। गौरतलब हो कि हो धनबाद जिले में पिछले 18 माह मं सड़कों पर 52 लूटपाट की घटना और 11 डकैती के मामले दर्ज हो चुके है।

डाका कांड का खुलासा हीं कर पायी पुलिस: तीन अप्रैल 2019 को एलसी रोड स्ठित जैन बंधु के घर हुए डाका कांड का खुलासा भी धनबाद पुलिस अभी तक नहीं कर पायी है। इस मामले में अपराधी पांच लाख का डाका कर चले गये थे। पुलिस जांच में आया था कि सभी अपराधी ट्रेन से जमशेदपुर भाग गये है।

Edited By: Atul Singh