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MMDR कानून में संशोधन के खिलाफ झामुमो का प्रदर्शन, चंद्रशेखर अग्रवाल बोले-झारखंड को कमजोर करने की साजिश

Published: Sat, 19 Sep 2026 06:37 PM (IST)

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संशोधित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2026 के विरोध में धनबाद सहित झारखंड के सभी प्रखंडों में धरना प्रदर्शन किया।

धनबाद प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते झामुमो के नेता-कार्यकर्ता। (फोटो जागरण)

धनबाद प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते झामुमो के नेता-कार्यकर्ता। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. झामुमो ने संशोधित खान एवं खनिज अधिनियम 2026 का विरोध किया।

  2. धनबाद में बीडीओ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

  3. राज्य के खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग प्रमुख मुद्दा।

संवाद सूत्र, पुटकी (धनबाद)। संशोधित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2026 (MMDR) के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने शनिवार को झारखंड के सभी प्रखंडों में धरना दिया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर केंद्र सरकार की खनन नीति के खिलाफ नारेबाजी की।

 

झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से धनबाद सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में संशोधित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2026 के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार के विरोध करते हुए नारेबाजी की गई। ढोल झाल लेकर हरि बोल कर विरोध जताया।

झामुमो नेताओं ने बीडीओ व सीओ विकास आनंद को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में झारखंड के खनिज संसाधनों से जुड़े राज्यों के संवैधानिक अधिकार, वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। इस माैके पर झामुमो की ओर से धनबाद के पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।

झामुमो नेता चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि खान एवं खनिज अधिनियम में संशोधन झारखंड सरकार को कमजोर करने के लिए किया गया है। इससे राज्य के राजस्व में कमी होगी। इसका असर राज्य की कल्याणकारी और विकास योजनाओं पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर झामुमो का आंदोलन जारी रहेगा।

अग्रवाल ने कहा-एमएमडीआर में प्रस्तावित प्रावधानों से राज्य के खनिज संसाधनों और अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से संबंधित प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और राज्यों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

झामुमो ने संशोधित कानून की धारा 90 के प्रावधानों को लेकर चिंता जताते हुए इसके प्रभावों का गंभीरता से परीक्षण कराने तथा खनिज उत्पादक राज्यों से संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मौके पर पूर्व मेयर सह झामुमो नेता चंद्रशेखर अग्रवाल, झामुमो केंद्रीय सदस्य रमेश टुडू, जिला उपाध्यक्ष मुकेश सिंह, राज कुमार नापित, कार्तिक महतो, चांद परवेज आदि मौजूद थे।

 

 

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