डीवीसी के स्थापना दिवस पर विरोध प्रदर्शन करेगा झामुमो

संस, मैथन : झामुमो के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक मंडल तथा डीवीसी वस्तुहारा संग्राम समिति के अध्यक्ष वासुदेव महतो के नेतृत्व में विस्थापितों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीवीसी मैथन के परियोजना प्रमुख अंजनी कुमार दुबे से मिला। इस दौरान समिति की 10 सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। कुछ मांगों को डीवीसी प्रबंधन ने अविलंब पूरा करने का आश्वासन दिया तथा कुछ मांगों को मुख्यालय भेजने की बात कही।

समिति के अध्यक्ष वासुदेव महतो ने परियोजना प्रमुख को दिए गए पत्र में 724 विस्थापितों में से बाकी बचे 60 से 70 विस्थापितों को नौकरी या मुआवजा देने, सूचीबद्ध विस्थापितों को नौकरी या 15 लाख का भुगतान करने, गेट नंबर एक को मैथन डैम में स्थानांतरण करने की मांग की गई, ताकि स्थानीय लोगों का भारी वाहन मैथन में प्रवेश कर सके। इसके अलावा डीवीसी के रिक्त पदों में विस्थापितों को नौकरी देने, विस्थापित संबंधी कागजात की जांच कराकर पुनर्वास किए गए विस्थापितों को जमीन का पट्टा या सरकारी मान्यता दिलाने की मांग की गई। इस मौके पर झामुमो नेता अशोक मंडल ने कहा कि डीवीसी अपना 75 वां स्थापना दिवस मना रहा है। जिनकी जमीन पर डीवीसी की स्थापना हुई, आज उन विस्थापितों को प्रबंधन भूल गया है। सीएसआर विभाग से 10 किमी क्षेत्र में किए जाने वाले विकास कार्यों में दर्जनों विस्थापित गांवों को आज तक विकास की सूची में शामिल नहीं किया गया है। इस तरह से विस्थापितों को नजरअंदाज करना झामुमो कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। सात जुलाई को डीवीसी के 75 वें स्थापना दिवस स्थल पर झामुमो के कार्यकर्ता विरोध करने का फैसला लिया है।

बैठक में डीवीसी की ओर से परियोजना प्रमुख अंजनी कुमार दुबे, वरीय अतिरिक्त कार्यपालक निर्देशक अनूप पुरकायस्थ, डीजीएम अभय कुमार श्रीवास्तव, उप-कार्मिक निदेशक प्रवीण कुमार तथा सुनील कुमार, प्रशासनिक अधिकारी जी राम एवं समिति की ओर से वासु महतो, शंकर गांगुली, छोटू लाल हेंब्रम, बंगाल मरांडी, रामलाल मुदी, जनक भंडारी, साधन साहनी, अयूब अंसारी, कलीमुद्दीन मियां आदि उपस्थित थे।

Edited By: Jagran