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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अपनी जन्मस्थली को ही झामुमो ने दिया बिसार, बिन गुरुजी के धनबाद में आज 50वां स्थापना दिवस

By MritunjayEdited By:
Published: Fri, 04 Feb 2022 08:56 AM (IST)Updated: Fri, 04 Feb 2022 09:24 AM (IST)

JMM Foundation Day 2022 झारखंड मुक्ति मोर्चा आज 4 फरवरी को अपना 50वां स्थापना दिवस मना रहा है। 4 फरवरी ...और पढ़ें

धनबाद में झामुमो का 50वां स्थापना दिवस ( फोटो साैजन्य)।
धनबाद में झामुमो का 50वां स्थापना दिवस ( फोटो साैजन्य)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड की सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा  (JMM) आज 4 फरवरी को अपना 50वां स्थापना दिवस मना रहा है। 4 फरवरी, 1973 को धनबाद के गोल्फ ग्राउंड ( अब रणधीर वर्मा स्टेडियम) में ही झामुमो की स्थापना हुई थी। इसके बाद हर साल 4 फरवरी को धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झामुमो का सालाना जलसा होता रहा है। इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष शिबू सोरेन के साथ पार्टी के तमाम बड़े नेता शिरकत करते रहे हैं। लेकिन 50वें स्थापनां दिवस पर सिर्फ रश्मअदायगी हो रही है। समारोह गोल्फ ग्राउंड जैसे बड़े मैदान के बजाय छोटे से धनबाद के न्यू टाउन हाल में आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह बिन झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हो रहा है। 

शिबू सोरेन, एके राय और विनोद बिहारी महतो ने मिलकर की स्थापना

धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में 4 फरवरी, 1973 को झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना हुई थी। इसकी स्थापना करने में एके राय, विनोद बिहारी महतो और शिबू सोरेन की प्रमुख भूमिका रही। इसके बाद झारखंड क्षेत्र में झामुमो का विस्तार शुरू हुआ। तब झारखंड अलग राज्य नहीं था। बिहार का हिस्सा था। उम्मीद की जा रही थी कि इस बार धनबाद में झामुमो का स्थापना दिवस धूमधाम से मनेगा। वजह 50वां स्थापना दिवस जो ठहरा। लेकिन इस कार्यक्रम में न तो झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन आ रहे हैं और नही उनके मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। पिछले साल भी कोरोना के कारण यहां बड़ा कार्यक्रम नहीं हुआ। झामुमो के बड़े नेताओं ने भाग नहीं लिया था।

राजनीतिक दृष्टि से धनबाद झामुमो के लिए महत्वपूर्ण नहीं

राजनीतिक दृष्टि से झामुमो अपने लिए धनबाद को महत्वपूर्ण नहीं मानता है। ऐसा राजनीतिक के जानकारों का मानना है। यही कारण है कि झामुमो का शीर्ष नेतृत्व पार्टी की जन्मस्थली को ही बिसार रहा है। दो दिन पहले 2 फरवरी को दुमका में झामुमो ने अपना 43वां स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया। इसमें झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भी भागीदारी रही। दोनों की उपस्थिति के कारण झामुमो के तमाम बड़े नेताओं ने भाग लिया। 

शिबू सोरेन ने पहले टुंडी को बनाया था कर्मस्थली

झारखंड मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष शिबू सोरेन ने पहले धनबाद के टुंडी को अपना राजनीतिक कर्मस्थली बनाया। यहां के पोखरिया आश्रम में रहते थे। यहां रहकर अलग झारखंड राज्य निर्माण के लिए और महाजनी प्रथा के विरोध में संघर्ष शुरू किया। 1977 में टुंडी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। हार के बाद धनबाद को छोड़कर दुमका चले गए। 1980 में सोरेन दुमका से सांसद चुने गए। 50वें स्थापना दिवस पर झामुमो के बड़े नेताओं की धनबाद से दूरी ने इस चर्चा को जन्म दिया है कि केंद्रीय नेतृत्व ने धनबाद से दूरी बना ली है। अब उनका पूरा फोकस झारखंड के संताल के जिलों पर टिका हुआ है।

कोरोना के कारण बड़े स्तर पर कार्यक्रम नहीं

झामुमो के धनबाद जिलाध्यक्ष रमेश टुडू ने बताया कि कोरोना के कारण बड़े स्तर पर कार्यक्रम नहीं हो रहा है। कार्यक्रम में कोई बड़े नेता भी शामिल नहीं हो रहे हैं। जिला समिति ने केंद्रीय नेतृत्व से किसी बड़े नेता को भेजने का आग्रह किया है। सुबह 11 बजे कार्यक्रम शुरू होगा।