Jitiya Vrat 2026: दो अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा जितिया व्रत, चार को पारण
Jivitputrika Vrat 2026: संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत आज नहाय-खाय के साथ धनबाद में शुरू हो रहा है।

जागरण संवाददाता, धनबाद। संतान की दीर्घायु, निरोगी काया और सुख-समृद्धि की कामना का पावन पर्व जीवित्पुत्रिका(जितिया) व्रत इस वर्ष दो अक्तूबर से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। मां और संतान के अटूट रिश्ते का प्रतीक यह तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान चार अक्तूबर को पारण के साथ संपन्न होगा।
पुरोहित पंडित अमित मिश्रा के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर को व्रती महिलाएं स्नान-ध्यान के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर नहाय-खाय की परंपरा निभाएंगी।
इसके बाद तीन अक्तूबर को अष्टमी तिथि में माताएं संतान की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए 24 घंटे से अधिक समय का कठिन निर्जला उपवास रखेंगी। शाम के समय विधि-विधान से भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना की जाएगी और व्रत कथा का श्रवण होगा।
पंडित अमित मिश्रा ने बताया कि व्रत का समापन चार अक्तूबर को सुबह 7:28 बजे के बाद नवमी तिथि में पारण के साथ किया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जीमूतवाहन की कृपा से संतान पर आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
