जितिया पर्व पर धनबाद में सब्जियों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर, सत्पुतिया झींगा 400 रुपये प्रति किलो
Jitiya Festival: जितिया पर्व के अवसर पर धनबाद में हरी सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जहां खीरा 250 ...और पढ़ें

जितिया पर्व पर 400 रुपये किलो बिका सत्पुतिया झींगा। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। जीवितपुत्रिका (जितिया) पर्व के पावन अवसर पर कोयलांचल धनबाद में हरी सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं।
जितिया व्रत को लेकर शहर के पुराना बाजार, बरटांड और पुलिस लाइन स्थित सब्जी मंडियों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और दिनभर गहमागहमी बनी रही।
बाजार में सब्जियों की मांग बढ़ते ही इनके दामों में जबरदस्त उछाल आया है। आलम यह है कि खुदरा बाजारों में खीरा 200 से 250 रुपये प्रति किलो तो सत्पुतिया झींगा 400 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड भाव पर बिक रहा है। महज हफ्ते भर के भीतर सब्जियों की दरें कई गुना तक बढ़ गई हैं।
पुलिस लाइन के सब्जी विक्रेता रमेश कुमार ने बताया कि जितिया पर्व पर सब्जी के भाव आसमान छुता ही है लेकिन इस साल हाल के दिनों में हुई लगातार बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे मंडी में आवक कम हो गई।
जिसका सीधा असर हरी सब्जियों पर पड़ा है यूं कहें कि सब्जियों पर इस साल दोहरा मार पड़ा है। सामान्य दिनों में 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला सत्पुतिया झींगा आज सीधा 400 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है।
इसी तरह 60 रुपये के आसपास रहने वाला खीरा 200 से 250 रुपये किलो और सामान्य फूलगोभी 100 रुपये प्रति पीस बिक रही है। मड़ुआ का आटा 120 रुपये किलो बिक रहा था।
सब्जी कारोबारी जादो लाल शाह ने बताया कि जीवितपुत्रिका व्रत में विभिन्न प्रकार की पारंपरिक हरी सब्जियों का विशेष महत्व है।
इस पर्व पर व्रती महिलाओं द्वारा अपने पूर्वजों (पितरों) तथा गरुड़-चील को नोनी, पोई व गिरधारी साग, कंदा, ओल, सत्पुतिया और मड़ुआ की रोटी का भोग लगाया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि इन प्राकृतिक शाक-सब्जियों का नैवेद्य अर्पित करने से पितृ तृप्त होकर संतान को निरोगी काया और लंबी उम्र का आशीर्वाद देते हैं।
बाजार में खरीदारी करने पहुंचीं श्रद्धालु महिला कल्याणी देवी ने बताया की जितिया व्रत में ओठगन और पारण के समय मड़ुआ आटा, नोनी साग, कंदा और सत्पुतिया झींगा जैसी सब्जियों का भोग लगाना अनिवार्य परंपरा है।
पितरों को भोग चढ़ाए बिना यह व्रत पूर्ण नहीं माना जाता। यही कारण है कि भले ही सब्जियों के दाम चार गुने तक बढ़ गए हों, लेकिन धार्मिक आस्था के आगे मजबूरी में बढ़ी हुई दरों पर ही खरीदारी करनी पड़ रही है।
सब्जियों का भाव (रुपये प्रति किलो)
| सब्जी/साग | भाव (₹/किलो) |
|---|---|
| सत्पुतिया, झींगा | 400 |
| खीरा | 200–250 |
| पोई साग | 120 |
| नोनी साग | 120 |
| ओल | 100–120 |
| कांदा | 80–100 |
| गेनधारी साग | 80–100 |
| फूलगोभी | 100 |
| बैंगन | 80 |
| टमाटर | 80 |
| कोहड़ा | 60 |
यह भाव बरटांड और पुलिस लाइन के सब्जी मार्केट का है, संभवता अलग अलग बाजार में सब्जियों के भाव मे 5 से 10 रुपये तक का फर्क दिख सकता है।
