SIR : झारखंड में दावे-आपत्ति की समयसीमा बढ़ी, अब 15 सितंबर 2026 तक मिलेगा मौका, सीईओ ने बताया कारण
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 15 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।

मतदान केंद्र पर ड्राफ्ट मतदाता सूची का निरीक्षण करते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार। (फाइल फोटो)
HighLights
दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 तक बढ़ी।
मानसून, श्रावणी मेले, कृषि कार्यों के कारण समयसीमा बढ़ी।
311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी नियुक्त किए गए।
डिजिटल डेस्क, धनबाद। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी गई है। मानसून, देवघर और दुमका में चल रहे श्रावणी मेले तथा कृषि कार्यों में मतदाताओं की व्यस्तता को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने अब 15 सितंबर 2026 तक दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अनुमति दी है।
इससे उन पात्र नागरिकों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश निर्धारित अवधि में मतदाता सूची से संबंधित दावा या आपत्ति दर्ज नहीं करा सके हैं। भारत निर्वाचन आयोग का यह फैसला झारखंड के लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया है।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने जारी प्रेस बयान में कहा है कि राज्य के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने और सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति की है।
इन पदाधिकारियों की नियुक्ति से दावा-आपत्तियों, नोटिसों और मतदाता सूची से संबंधित आवेदनों के समयबद्ध एवं प्रभावी निष्पादन में मदद मिलेगी। साथ ही मतदाताओं को भी अपने आवेदन और दावे से संबंधित कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
मानसून, श्रावणी मेला और कृषि कार्यों को देखते हुए मांगा था समय
के रवि कुमार ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दावा-आपत्ति की अवधि बढ़ाने का अनुरोध भारत निर्वाचन आयोग से किया गया था।
राज्य में मानसून के आगमन के साथ कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने, देवघर और दुमका में श्रावणी मेले के आयोजन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं के कृषि कार्यों में व्यस्त रहने को देखते हुए अतिरिक्त समय की आवश्यकता महसूस की गई थी।
राज्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से भारत निर्वाचन आयोग से नोटिस जारी करने तथा दावे-आपत्तियों के निष्पादन के लिए भी अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया था। आयोग ने राज्य के अनुरोध पर सहमति जताते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्यक्रम में संशोधन किया है।
अब 15 सितंबर तक दाखिल कर सकेंगे दावे-आपत्तियां
भारत निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि अब 15 सितंबर 2026 तक रहेगी। यानी मतदाताओं को अपने नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार से संबंधित दावा या आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
इसके बाद नोटिस चरण और दावे एवं आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी नियुक्त
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य में 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति से पुनरीक्षण प्रक्रिया को गति मिलेगी। इससे मतदाता सूची से संबंधित आवेदनों, दावे-आपत्तियों और नोटिसों के निष्पादन में प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी।
निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और पहले से दर्ज मतदाताओं के विवरण में किसी तरह की त्रुटि हो तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधारा जा सके।
मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे संशोधित समयसीमा का लाभ उठाते हुए मतदाता सूची में अपने नाम और विवरण की जांच करें तथा आवश्यकता होने पर समय रहते दावा या आपत्ति दाखिल करें।
संशोधित कार्यक्रम एक नजर में
- दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि: 15 सितंबर 2026
- नोटिस एवं दावे-आपत्तियों के निष्पादन की अंतिम तिथि: 14 अक्टूबर 2026
- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 19 अक्टूबर 2026
- अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी: 311
उल्लेखनीय है कि झारखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त 2026 को किया गया था तथा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 सितंबर 2026, नोटिस चरण तथा दावे एवं आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 एवं अंतिम प्रकाशन 07 अक्टूबर 2026 था।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की है कि जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे विस्तारित अवधि का लाभ उठाते हुए निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन अवश्य जमा करें।
विशेष रूप से युवा पात्र भारतीय नागरिक इस बढ़ी हुई अवधि का सदुपयोग करते हुए ECINET के माध्यम से अपना फॉर्म-6 भरें तथा अपने आस-पास के पात्र नागरिकों, दोस्तों एवं परिजनों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।
मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरणों में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फॉर्म 8 के माध्यम से सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।
के रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों एवं बूथ लेवल पदाधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा मतदाताओं को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और एक भी विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो।
