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झारखंड के सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स से ज्यादा शिक्षकों की अनुपस्थिति, शिक्षा व्यवस्था पर संकट

Published: Tue, 28 Jul 2026 07:04 AM (IST)

Jharkhand Teacher Absenteeism Report: झारखंड के सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ने के बावजूद शिक्षकों की अनुपस्थिति चिंताजनक है।

झारखंड के विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति चिंताजनक। (प्रतीकात्मक फोटो)

झारखंड के विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति चिंताजनक। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. 810 स्कूलों में पूरे जून महीने शिक्षक अनुपस्थित रहे।

  2. धनबाद में शिक्षकों की उपस्थिति मई से जून में गिरी।

  3. छात्रों की उपस्थिति जून में बढ़कर 73.62 प्रतिशत हुई।

आशीष सिंह, धनबाद। झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के तमाम सरकारी दावों के बीच एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी जून 2026 की डैशबोर्ड परफार्मेंस रिव्यू रिपोर्ट से स्पष्ट है कि कई इलाकों में बच्चे तो पढ़ने के लिए स्कूल आ रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने वाले गुरुजी ही ड्यूटी से नदारद हैं।

रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 36,603 सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों की औसत उपस्थिति मई (63.22 प्रतिशत) की तुलना में जून में 10 प्रतिशत बढ़कर 73.62 प्रतिशत पहुंच गई है। इसके विपरीत शिक्षकों की उपस्थिति कई जिलों में बेहद चिंताजनक स्तर पर गिर चुकी है।

ई-विद्यावाहिनी पोर्टल के आंकड़ों में पता चला है कि पूरे राज्य में 810 ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां पूरे जून महीने में शिक्षकों की उपस्थिति शून्य दिन दर्ज की गई है। 347 स्कूलों में शिक्षक पूरे महीने में महज एक से दो दिन ही स्कूल पहुंचे।

शिक्षकों की सबसे अधिक अनुपस्थिति धनबाद, जामताड़ा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में रही है। शिक्षकों की लापरवाही और गैरहाजिरी का सबसे बड़ा उदाहरण धनबाद में देखने को मिला।

मई में शिक्षकों की उपस्थिति 91.64 थी, जून में गिरकर 84.68 और प्रतिशत आ गई। जुलाई में यह लगभग 80 प्रतिशत रही। धनबाद के 68 स्कूलों में एक भी शिक्षक की हाजिरी दर्ज नहीं पाई गई। देवघर (89.59 प्रतिशत), गढ़वा (89.40), बोकारो (89.29) और चतरा (88.82) में शिक्षकों की उपस्थितिक् अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई।

रिपोर्ट के आधिकारिक नोट में यह स्वीकार किया गया है कि धनबाद, जामताड़ा, गुमला और पूर्वी सिंहभूम जैसे पिछड़ने वाले जिलों में लक्षित निगरानी और सख्त सुधारात्मक कार्रवाई की तत्काल जरूरत है।

इन जिलों में शिक्षक उपस्थिति रही कम

जिला कुल स्कूल कुल शिक्षक औसत उपस्थिति (जून) शून्य उपस्थिति वाले स्कूल अनुपस्थिति दर (%)
गुमला 1,565 5,140 79.06 97 20.94
जामताड़ा 1,035 3,399 75.33 650 24.67
पूर्वी सिंहभूम 1,675 6,048 84.63 31 15.37
धनबाद 1,753 6,550 84.68 68 15.32
सरायकेला-खरसावां 1,421 4,270 84.82 520 15.18
लोहरदगा 516 1,981 85.33 11 14.67
हजारीबाग 1,520 6,800 85.71 40 14.29
रामगढ़ 613 3,080 86.05 7 13.95
सिमडेगा 982 3,100 86.27 16 13.73
दुमका 2,325 6,304 86.73 58 13.27
गिरिडीह 3,162 9,884 86.84 68 13.16
लातेहार 1,065 3,327 87.52 18 12.48
चतरा 1,572 5,413 88.82 16 11.18

फैक्ट फाइल

राज्य स्तरीय औसत शिक्षक उपस्थिति जून : 86.40 प्रतिशत

राज्य स्तरीय औसत शिक्षक अनुउपस्थिति जून : 13.60 प्रतिशत

कुल शिक्षक संख्या (शिक्षुओं को छोड़कर) : 1,23,979

कुल स्कूल : 36,603

जामताड़ा में लगभग हर चौथा शिक्षक अनुपस्थित।

धनबाद में शिक्षकों की उपस्थिति मई में थी 91.64, जून में घटकर 84.68 रह गई। रैंकिंग में सीधे 19 पायदानों की भारी गिरावट।