Move to Jagran APP

Jharkhand पारा मेडिकल एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत पारा मेडिकल छात्रा को मिले न्याय

शहीद निर्मल महतो मेमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ यूएन वर्मा पर कार्रवाई की मांग की गई है। झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन के राजू कुमार महतो ने सरकार और स्थानीय प्रबंधन को पत्र लिखकर डॉक्टर वर्मा पर कार्रवाई करने को कहा है।

By Atul SinghEdited By: Published: Tue, 07 Dec 2021 12:28 PM (IST)Updated: Tue, 07 Dec 2021 05:02 PM (IST)
Jharkhand पारा मेडिकल एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत पारा मेडिकल छात्रा को मिले न्याय
स्थानीय प्रबंधन को पत्र लिखकर डॉक्टर वर्मा पर कार्रवाई करने को कहा है। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

जागरण संवाददाता, धनबाद: शहीद निर्मल महतो मेमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ यूएन वर्मा पर कार्रवाई की मांग की गई है। झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन के राजू कुमार महतो ने सरकार और स्थानीय प्रबंधन को पत्र लिखकर डॉक्टर वर्मा पर कार्रवाई करने को कहा है। ज्ञात हो कि डॉक्टर वर्मा पर उन्हीं के विभाग की एनेस्थीसिया असिस्टेंट पारा मेडिकल छात्रा में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। छात्रा ने इस संबंध में अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है। छात्रा का कहना है डॉक्टर वर्मा अपने निजी क्लीनिक में काम करवाने का दबाव दे रहे थे। इसके साथ ही गलत हरकत करने की कोशिश कर रहे थे जिसका विरोध करने पर उसे फाइनल परीक्षा देने से रोक दिया गया है।

loksabha election banner

2006 से मेडिकल कॉलेज में हो रही है पारा मेडिकल की पढ़ाई

राजू ने बताया कि वर्ष 2006 से झारखंड कंबाइंड के तहत मेडिकल कॉलेज में पारा मेडिकल की पढ़ाई हो रही। 2 साल के इस पारा मेडिकल की पढ़ाई में अब तक सैकड़ों बच्चे ने पढ़ाई पूरी की है। लेकिन दुर्भाग्य है कि झारखंड सरकार की ओर से अभी तक एक भी बहाली नहीं निकाली गई है। इस वजह से पढ़ाई करने के बाद यहां के छात्रों को मजबूरी में निजी अस्पताल अथवा नर्सिंग होम में काम करना पड़ रहा है। जहां पर मामूली तनख्वाह पर पारा मेडिकल स्टूडेंट को काम करना पड़ रहा है। वही लगातार शारीरिक और मानसिक शोषण भी निजी नर्सिंग होम और निजी अस्पताल के डॉक्टर कर रहे हैं।

पारा मेडिकल एसोसिएशन करेगा आंदोलन

राजू ने बताया कि यदि पीड़ित छात्रा को परीक्षा फार्म भरने नहीं दिया गया, तो पारा मेडिकल एसोसिएशन जोरदार आंदोलन करेगा। परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 9 दिसंबर को है। मेडिकल कॉलेज में छात्रों की उपस्थिति शत-प्रतिशत है। डॉक्टर वर्मा निजी स्वार्थ के लिए छात्रा की उपस्थिति को 75 फ़ीसदी से कम बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्वार्थ के लिए किसी का भविष्य बर्बाद किया गया, तो एसोसिएशन बर्दाश्त नहीं करेगा। इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा। साथ ही पारा मेडिकल की बहाली के लिए भी अपील की जाएगी।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.