यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाषा की राजनीति में कूदीं राफिया, बोलीं-हेमंत सरकार नहीं दे रही रोजगार, ध्यान भटकाने के लिए विवाद
Bhojpuri Magahi language dispute राफिया नाज ने कहा है कि हेमंत सरकार युवाओं को रोजगार मुहैया नहीं करा पा रही ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, धनबाद। प्रसिद्ध योगाचार्या एवं महर्षि दयानंद आर्य वैदिक गुरुकुल बैजना निरसा की संरक्षक राफिया नाज ने हाल में उपजे भाषा विवाद पर अपने विचार रखे। राफिया ने कहा कि झारखंड में भाषावाद को जन्म देने का काम किया जा रहा है। अंग्रेजों ने जिस तरह से फूट डालो राज करो की नीति अपनाई थी, उसी तर्ज पर झारखंड में भी फूट करो और राज करो की नीति लागू करने की कोशिश हो रही है। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में सभी भाषाओं को समान मान्यता दी गई है तो झारखंड सरकार इस ओर विवाद क्यों पैदा करना चाह रही है। उनका कहना है कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार युवाओं को रोजगार और शिक्षा मुहैया नहीं करा पा रही है। इसलिए लोगों को विवाद में उलझाए रखना चाहती है। भाषा के लिए तो विवाद होना ही नहीं चाहिए। सभी भाषाओं की अपनी महत्ता है। कोई बोलचाल में इसका प्रयोग करता है तो कोई लिखत में। हर तरीके से हर भाषा का सम्मान होना चाहिए।
बांटो और राज करो की नीति पर चल रहे मुख्यमंंत्री
राफिया नाज ने कहा है कि हेमंत सरकार युवाओं को रोजगार और शिक्षा मुहैया नहीं करा पा रही है। इसलिए लोगों को विवाद में उलझाए रखना चाहती हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नई नीति ‘बांटो और राज करो’। उन्होंने कहा कि महान झारखंड में आज बचकाना नेतृत्व कार्यरत है। भोजपुरी-मगही भाषी लोगों के प्रति मुख्यमंत्री का यह बयान दुखद है। उनके गठबंधन को वोट देने वाले लोगों को आज दुख जरूर हो रहा होगा।
राफिया को योग से निरोग पर जोर
यहां बता दें कि राफिया नाज आर्य समाज निरसा से जुड़ी हैं। योगाचार्या एवं गुरुकुल संरक्षक राफिया आनलाइन योगाभ्यास कराती हैं। स्वस्तिकासन, गोमुखासन, गोरक्षासन, अर्द्धमत्स्येंद्रासन, योगमुद्रासन, उदाराकर्षण या शंखासन, सर्वांगासन, अनुलोमविलोम, कपालभाति, भ्रामरी, उर्जायी प्राणायाम आदि कराती हैं। राफिया नियमित योग के जरिए जटिल रोग को ठीक करने के तरीके से अवगत कराती हैं। राफिया यह कार्य पिछले कई वर्षों से करती आ रही हैं। शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ के उददेश्य से योग करने पर जोर देती हैं।
