जागरण संवाददाता, साहिबगंज। झारखंड हाई कोर्ट ने सातवीं झारखंड सिविल सेवा परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा 28 जनवरी से होने वाली थी। अब इसकी प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी होगा। प्रारंभिक परीक्षा शुरू से ही विवादित रही है। 19 सितंबर, 2021 को प्रारंभिक परीक्षा हुई थी। परीक्षा परिणाम आने के बाद हंगामा मच गया था। झारखंड के साहिबगंज जिले के परीक्षा केंद्र पर एक ही कमरे में बैठे लगातार क्रमांक के 15 छात्रों को पास कर दिया गया था। इससे परिक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा हो गया। परीक्षा को स्थगित करने की मांग उठने लगी। मामला कोर्ट-कचहरी तक पहुंचा। और अब परिणाम सामने है। मुख्य परीक्षा स्थगित हो गई है।

साहिबगंज के एक ही परीक्षा केंद्र के एक कमरे के 15 अभ्यर्थी हुए थे पास

19 सितंबर को सातवीं जेपीएसपी सिविल सेवा परीक्षा हुई थी। साहिबगंज और लाेहरदगा के एक-एक परीक्षा केंद्रों में शामिल अभ्यर्थियों में सीरियल क्रमांक से कई अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित हो गए थे। साहिबगंज के केंद्र के एक कमरे के 15 अभ्यर्थी पास कर दिए गए थे। सभी के क्रमांक लगातार थे। यह मामला उठने के बाद आयोग ने 49 अभ्यर्थियों को बाद में असफल घोषित कर दिया। इसपर जेपीएससी की ओर से कहा गया कि प्रारंभिक परीक्षा में शामिल 57 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट आयोग को नहीं मिली थी। हालांकि, इनकी परीक्षा में उपस्थिति बनी थी। परीक्षा के परिणाम जारी करने में देर न हो इसलिए पूर्व में इन अभ्यर्थियों में 49 अभ्यर्थियों को कट ऑफ मार्क्स के बराबर अंक देकर औपबंधिक रूप से उत्तीर्ण किया गया था। इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि आयोग को ओएमआर शीट नहीं मिलने के लिए ये अभ्यर्थी जिम्मेदार नहीं थे। शेष आठ को अन्य कारणों से उत्तीर्ण घोषित नहीं किया गया।

28 से 30 तक होनी थी मुख्य परीक्षा, हाई कोर्ट ने की स्थगित

सातवीं सिविल सेवा मुख्य परीक्ष 28 से 30 जनवरी तक होनेवाली थी। आयोग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली थी। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र आनलाइन डाउनलोड हो रहे थे। मंगलवार को रांची में झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सातवीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार और जेपीएससी ने झारखंड हाई कोर्ट से कहा कि वादी की ओर से उठाया गया मुद्दा, बिल्कुल सही है। जेपीएससी की ओर से प्रारंभिक परीक्षा में दिया गया आरक्षण गलत है। इसलिए झारखंड सरकार फिलहाल मुख्य परीक्षा को स्थगित कर रही है। जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की समीक्षा के बाद संशोधित रिजल्ट जारी किया जाएगा। कुमार सन्यम की ओर से यह कहते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, कि जेपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण दे दिया है। जबकि इस तरह का झारखंड सरकार के पास कोई नियमावली नहीं है। महाधिवक्ता राजीव रंजन ने सरकार का पक्ष रखा और कहा कि तीन सप्ताह में प्रारंभिक परीक्षा का संशोधन से संबंधित निर्णय के लिए समय दिया जाए। इस पर अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने कहा है कि इसपर अब अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी।

साहिबगंज में पड़ा परीक्षा घोटाले का बीज

झारखंड जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2021 शुरू से विवादों में रहा। साहिबगंज के एक ही परीक्षा केंद्र से क्रम से 33  परीक्षार्थियों के पास होने से गड़बड़ी को हवा मिल गई। यहां के परीक्षा केंद्र के एक ही कमरे से क्रम से 15 परीक्षार्थियों के पास होने से हंगामा हो गया। खास बात है क्रम से पास होने वाले इन अभ्यर्थियों में से अधिकांश साहिबगंज के रहने वाले थे। 19 सितंबर 2021 को सातवीं से दसवीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2021 आयोजित की गई थी। इसका रिजल्ट प्रकाशित हुआ, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा में 4293 अभ्यर्थी पास हुए। इन अभ्यर्थियों में 33 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो क्रम से पास हुए। इनमें से 15 अभ्यर्थियों की परीक्षा तो पुराना साहिबगंज के राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय के एक ही कमरे में हुई थी। साथ ही क्रम से पास होने वाले अभ्यर्थी झारखंड के तीन जिलों साहिबगंज और लोहरदगा, लातेहार के थे। साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा क्षेत्र से सीएम हेमंत सोरेन विधायक हैं। इसे अभ्यर्थियों और विपक्ष ने तूल दिया। परीक्षा में घोटाले का आरोप लगाया। 

जेपीएसपी सातवीं सिविल सेवा परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य

  • 19 सितंबर, 2021 में साहिबगंज में आयोजित हुई थी प्रारंभिक परीक्षा
  • 33 अभ्यर्थी क्रम से पास होने से परिणाम पर विवाद
  • राजकीय उच्च विद्यालय साहिबगंज में हुई थी परीक्षा
  • एक कमरे से 15 स्टूडेंट क्रम से पास हुए
  • मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुई थी परीक्षा

Edited By: Mritunjay