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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Coal Mine Collapse: धनबाद के कापासारा में फिर धंसी धरती, कई लोगों के दबने की आशंका

By Jagran NewsEdited By: Deepak Kumar Pandey
Published: Fri, 18 Nov 2022 11:17 AM (IST)

ईसीएल मुगमा क्षेत्र के कापासारा आउटसोर्सिंग में शुक्रवार को अलसुबह करीब पांच बजे एक बार फिर जमीन धंसी। बताया जाता ...और पढ़ें

जमीन धंसने के बाद इलाके के लोगों में दहशत है।
जमीन धंसने के बाद इलाके के लोगों में दहशत है।

संवाद सहयोगी, मुगमा (धनबाद): ईसीएल मुगमा क्षेत्र के कापासारा आउटसोर्सिंग में शुक्रवार को अलसुबह करीब पांच बजे एक बार फिर जमीन धंसी। बताया जाता है कि बंगाल बिहार धौड़ा की पूरब दिशा में जमीन कंपन करते हुए तेज आवाज के साथ दो सौ मीटर के दायरे में करीब पांच फीट नीचे तक धंस गई। हादसे के बाद इलाके की सड़कों पर कई स्थानों पर दरारें पड़ गई है।

भूधंसान की चपेट में आने से दो दर्जन से अधिक लोगों के दबने की भी सूचना है। हालांकि अबतक इसकी किसी स्‍तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है। ईसीएल प्रबंधन ने लोगों के दबे होने की बात को महज अफवाह बताया है। बताया जाता है कि इलाके में प्रबंधन ने जमीन को भरवाने का काम भी शुरू करवा दिया है। हादसे की सूचना मिलने पर सीआइएसएफ की टीम मौके पर पहुंची। इधर, जमीन धंसने के बाद इलाके के लोगों में दहशत है।

हादसे के समय खदान में कोयला चुराने घुसे थे कई लोग

घटना के संबंध में बताया जाता है कि बंगाल बिहार धौड़ा की पूरब दिशा में कापासारा आउटसोर्सिंग में वैध व अवैध दोनों ही तरह कोयला का उत्खनन किया जा रहा है। इसके कारण भूधंसान की घटना घटी है। जिस समय भूधंसान हुई, उस समय दर्जनों लोग खदान में अवैध ढंग से कोयला चोरी कर रहे थे। यही वजह है कि भूधंसान में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं घटना के बाद आउटसोर्सिंग परियोजना में कोयला चोरों में अफरातफरी मच गई। आउटसोर्सिंग में सन्‍नाटा पसर गया।

थाना प्रभारी बोले- कोई नहीं दबा, केवल अफवाह उड़ाई गई

इधर, निरसा के थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव का कहना है कि कापासारा में सिर्फ जमीन धंसी है। किसी के मरने की बात गलत है। उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग गलत अफवाह उड़ा रहे हैं। इलाके का मुआयना किया जा रहा है।

ब्‍लास्टिंग की वजह से कमजोर होती गई जमीन

स्‍थानीय लोग बताते हैं कि एक तरफ अवैध ढंग से कोयला उत्खनन करने वालों ने खदान में कई अवैध मुहाने बना रखे हैं तो वहीं दूसरी ओर आउटसोर्सिंग प्रबंधन द्वारा कोयला उत्खनन करने के लिए लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है। इससे जमीन कमजोर होती चली गई। यही भूधंसान का कारण बनी।

भूधंसान के दौरान जमीन के कंपन व आवाज होने पर घरों से लोग भागे

परियोजना से सटे आवासों में रहने वालों ने बताया कि अलसुबह जमीन में कंपन के साथ तेज आवाज हुई। इससे डरकर हमलोग घर छोड़कर बाहर निकल भागे। जब बाहर निकला तो देखा कि आउटसोर्सिंग के एक बड़े से भाग की जमीन पांच फीट नीचे तक धंस गई है। साथ ही जहां-तहां दरारें पड़ गई हैं। लोगों ने बताया कि जिस समय घटना घटी, उस दौरान वहां पर दर्जनों लोग कोयला निकालने व मुहाने के अंदर कोयला उत्खनन करने वालों की भीड़ लगी हुई थी।