जागरण संवाददाता, दुमका। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि झारखंड में बालू और खनिज संपदा की लूट मची है। अवैध धंधे को सोरेन परिवार का संरक्षण है। संताल परगना तमाम अवैध कारोबर को सोरेन परिवार संरक्षण दे रहा है। झामुमो और सोरेन परिवार के खिलाफ भाजपा की ओर से दुमका में सत्याग्रह किया जा रहा है। पांच दिवसीय सत्याग्रह के चाैथे दिन सोमवार को बाबूलाल भी शामिल हुए। उन्होंने संबोधन के दाैरान मुख्यमंत्री हेमंत और उनके परिवार के सदस्यों पर जमकर हमला किया। 

हेमंत सोरेन की सरकार आदिवासी विरोधी

दुमका के फूलाझानो चौक पर भाजपा की ओर से अवैध खनन, खनिज संपदा की लूट व राजस्व की चोरी और विभिन्न जनमुद्दों पर आयोजित पांच दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन के चौथे दिन सोमवार को पार्टी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि अपराधी व दलाल की सांठगांठ से हेमंत सरकार चल रही है। राज्य में विधि-व्यवस्था चौपट हो गई है। पुलिस और अधिकारी सरकार को टूल्स बनकर  काम कर रहे हैं। जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने का दंभ भरने वाला झामुमो के लोग ही जल, जंगल और जमीन की लूट  कर रहे हैं। बालू, पत्थर, शराब, कोयला समेत तमाम अवैध कामकाज झामुमो और सरकार की सह हो रही है। राजस्व की जमकर लूट हो रही है। पूरी व्यवस्था सरकार नहीं हेमंत सोरेन के खजाने को भरने के लिए तय है। कहा कि साहिबगंज से पलामू तक लूट, हत्या, दुष्कर्म और अपराध चरम पर है।

आम जनता से लेकर जज तक असुरक्षित

पुलिस अधिकारी, जज से लेकर आम और खास  सब असुरक्षित हैं। राज्य में बिचौलिया और अपराधियों के इशारे पर ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल चल रहा है। कहा कि पुलिस और अधिकारियों को यह समझ लेना चाहिए कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। इसलिए वे सचेत हो जाएं क्योंकि अगर सरकार बदलती है तो ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर दंडित किया जाएगा। कहा कि हेमंत सरकार आदिवासी विरोधी है। जज की मौत मामले में तो हेमंत सरकार ने सीबीआइ जांच का आदेश दे दिया है लेकिन आदिवासी पुलिस पदाधिकारी रूपा तिर्की की मौत के मामले में हेमंत सरकार खामोश है। कारण इस मामले में उनके विधायक प्रतिनिधि का नाम सामने आ रहा है। बाबूलाल ने कहा कि राज्य के भ्रष्टाचारी एसपी को दंडित करने के बजाए इनाम के तौर पर धनबाद का एसपी बनाया जा रहा है। बाबूलाल ने कहा कि अगर सही मायने में  लूट के साम्राज्य को समाप्त करना है तो शिबू सोरेन के पूरे परिवार को संताल परगना से विदा करना होगा। राज्य के समग्र विकास के लिए इन सबका बोरिया-बिस्तर बंधवा कर विदा करना होगा। इससे पूर्व सत्याग्रह आंदोलन को पूर्व मंत्री डा.लुइस मरांडी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद, प्रदेश प्रवक्ता मिसफिका, सुरेश मुर्मू, मिस्त्री सोरेन समेत कई नेताओं ने भी संबोधित किया। बाबूलाल मरांडी मंगलवार को भी सत्याग्रह आंदोलन में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने अवैध कारोबारियों को दी खुली छूट

संताल परगना के विभिन्न जिलों में हो रही खनिज संपदा की लूट और अवैध कारोबार पर सोरेन परिवार के संरक्षण है। इस अवैध कारोबार के लिए राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन ने स्वजनों को खुली छूट दे रखी है। उक्त बातें रविवार को फूलाझानो चौक पर भाजपा की ओर से आयोजित पांच दिवसीय सत्याग्रह के तीसरे दिन पूर्व मंत्री डा.लुइस मरांडी ने कही। डा. लुइस ने कहा कि दुमका को अपनी कर्मभूमि कहने वाले सोरेन परिवार के एक-एक सदस्य यहां की खनिज संपदा, जल, जंगल और जमीन की लूट में शामिल हैं। इस लूट के बाद भी राज्य सरकार धृतराष्ट्र की तरह मौन है। उन्होंने कहा कि अगर संताल परगना के खनिज संपदा का दोहन नहीं रूका तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। दुमका में विधायक बसंत सोरेन, जामा सोरेन परिवार की बहू सीता सोरेन की अगुवाई में बालू का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। प्रत्येक दिन रात में अंजान लोग पत्थर लदे ट्रक को पास कराने का काम करते हैं। हत्या, दुष्कर्म और लूट आम बात हो गई है। विधि-व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। डा.लुइस ने कहा कि दरअसल सोरेन परिवार दुमका का विकास कभी चाहता ही नहीं है। सोरेन परिवार यहां की जनता को झांसा में रखते हुए इसे लूट का अड्डा बना दिया है।

अवैध कारोबार नहीं रूका तो होगा चक्का जाम : सुनील

सत्याग्रह के तीसरे दिन धरना स्थल पर पहुंचे दुमका के सांसद सुनील सोरेन ने कह कि संताल परगना में खनिज पदार्थों का दोहन नहीं रुका तो आंदोलन को तेज करते हुए चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाई-भौजाई सब मिलकर दुमका को लूटने का काम कर रहे हैं। भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि दुमका में झामुमो के नेतृत्व में पाङ्क्षसग का एक नया धंधा विकसित कर दिया गया है। रात में यहां के गैर कानूनी तरीके से बालू पत्थर लदे ट्रक को रसीद दिया जाता है जिसे देखकर पुलिस भी किनारा कर लेती है। यह रसीद ही अवैध कारोबारियों के लिए पास का काम करती है। सुनील ने कहा कि झारखंड में शासन-प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है।

 

Edited By: Mritunjay