संस, चासनाला : पूर्व मध्य रेलवे धनबाद मंडल के पाथरडीह लोको बाजार स्थित अप ट्राफिक कालोनी में मंगलवार को रेलवे प्रशासन ने रेलवे के आवासों व जमीन पर अवैध कब्जा के खिलाफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। कब्जाधारियों ने स्वत: अपने सामानों को घर से बाहर निकाल लिया। अभियान में काफी संख्या में आरपीएफ, जीआरपी के जवानों के अलावा पाथरडीह व सुदामडीह थाना की पुलिस, दंडाधिकारी व रेलवे के अधिकारी भी थे। अभियान के दौरान लगभग सौ रेलवे आवासों व 10 झोपड़ियों को चार जेसीबी मशीन से ध्वस्त किया गया। रेलवे टीम आवासों के लोहे, एंगल व दरवाजे को जवान अपने साथ ले गई। मौके पर रेलवे के एइएन विनोद कुमार पांडेय, झरिया के सीओ पी कुशवाहा, आइओडब्लू के जितेंद्र कुमार, दंडाधिकारी श्यामलाल मांझी, अंचल के कृष्णा यादव, अभय कुमार सिन्हा, सुदामडीह थाना के जीतन सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर अविनाश करोसिया, केएन सिन्हा, प्रेमदीप संजय, राजेश कुमार, जीआरपी पाथरडीह थाना के प्रभारी सुरेश राम, एके झा, मनोज झा आदि थे। वर्षों से रेलवे आवास पर कब्जा कर रह रहे थे लोग :

पाथरडीह क्षेत्र में रेलवे की जमीन व आवासों पर वर्षो से अवैध कब्जा कर रह रहे कब्जेधारियों व दबंगों से निबटने के लिए रेलवे प्रशासन ने दूसरी बार बड़ी कार्रवाई की। रेलवे प्रशासन ने इस दौरान रियायत देने के मौका भी नहीं दिया। पाथरडीह वरीय अनुभाग अभियंता कार्य के कर्मियों ने सोमवार को ही पाथरडीह लोको बाजार, मोहन बाजार आदि रेल कालोनियों में रेलवे आवास व जमीन पर अवैध कब्जा कर रह रहे लोगों को घर खाली करने का आखिरी फरमान सुनाया था। 13 जुलाई को डाउन ट्राफिक कालोनी में भी 49 रेलवे आवासों व 51 झोपड़ी को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया था। सैकड़ों रेलवे के आवासों में अभी भी है कब्जा :

रेलवे अधिकारियों की माने तो पाथरडीह जीआरपी कालोनी, लोको बाजार कालोनी, अप ट्राफिक व डाउन ट्राफिक कालोनी, मोहन बाजार, पाथरडीह अजमेरा, पाथरडीह आटो स्टैंड के पास लगभग 1050 रेलवे आवास हैं। इनमे 25 बंगलों, तीन सौ टाइप टू व सात सौ से अधिक टाइप वन व आउटर घर हैं। इनमें करीब सौ आवास काफी जर्जर हैं। 50 खाली आवास रेलवे के कब्जे में हैं। तीन सौ आवासों में रेलकर्मी हैं। पांच सौ से अधिक आवासों में दबंगों का कब्जा है। दबंग रेल आवासों को एक से दो हजार तक भाड़ा पर लगाकर प्रतिमाह लाखों रुपये की वसूली करते हैं। दर्जनों सेवानिवृत्त रेल कर्मी भी हैं। सेवानिवृत्त के बाद भी ये घरों पर कब्जा जमाए हैं। अभियान में करीब डेढ़ सौ आवासों को अब तक तोड़ा जा चुका है। रेलवे परिसंपत्तियों पर वर्षो से कब्जा जमाए लोगों के खिलाफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। करीब एक सौ घरों व 10 झोपड़ी को आज तोड़ा गया है। रेलवे के 1050 आवासों में 450 आवासों पर कब्जा है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।

- विनोद कुमार पांडेय, एइएन, धनबाद रेल मंडल। रेलवे की ओर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन से सहयोग मांगा गया था।

- श्यामलाल मांझी, दंडाधिकारी। घर ध्वस्त होने के बाद दुर्गा मंदिर प्रांगण बना लोगों का आशियाना : पाथरडीह लोको बाजार स्थित कब्जा किए रेलवे आवासों के ध्वस्त होने के बाद सार्वजनिक दुर्गा मंदिर प्रांगण कई लोगों के लिए शरण स्थल बना। मंगलवार की शाम गायत्री देवी, माला देवी सहित 10 परिवार के लोग यहां पहुंचे। गायत्री ने कहा कि पति जयगोविद शर्मा ठेला चलाते हैं। जैसे-तैसे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अब कहां जाएंगे। माला ने कहा कि पुत्र फेरी का काम कर घर चलाता है। अब कैसे घर चलेगा। यह बोलते हुए फफक कर रो पड़ी। क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र :

पाथरडीह लोको बाजार, ट्राफिक कालोनी, मोहन बाजार व भाटडीह के हरिओम कुमार, धर्मेंद्र कुमार, शिवजी यादव, राजेश कुमार यादव, विकास यादव, भोला नाथ यादव सहित दर्जनों लोगों ने संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किया है। पत्र में कहा है कि हमलोग भूमिहीन व्यक्ति हैं। भूमि के अभाव में 50 वर्षों से यहां रहकर किसी तरह परिवार को चलाते हैं। मामले में मुख्यमंत्री से पहल करते हुए अतिक्रमण अभियान पर रोक लगाने व आवास देने की मांग की है।

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