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डुमरी विधायक जयराम महतो को कोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत पर फैसला टला; गिरफ्तारी पर रोक से इनकार

Published: Tue, 01 Sep 2026 03:52 PM (IST)

सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस से दुर्व्यवहार के मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों को धनबाद कोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिली।

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HighLights

  1. विधायक जयराम महतो को कोर्ट से नहीं मिली राहत।

  2. गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अर्जी अदालत ने ठुकराई।

  3. पुलिस से कांड दैनिकी तलब, अगली सुनवाई जल्द।

जागरण संवाददाता, धनबाद। सरकारी काम में बाधा, लोकसेवा के साथ धक्का मुक्की, गाली-गलौज करने व धमकाने के मामले में आरोपी विधायक समेत अन्य को आज अदालत से राहत नहीं मिली।

एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने डुमरी विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल की ओर से दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर मंगलवार को बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता शाहनवाज व अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने दलील पेश की।

करीब आधे घंटे तक चली सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने गिरफ्तारी पर अस्थाई रोक लगाने की प्रार्थना की। जिसका विरोध अपर लोक अभियोजक सत्येन्द्र राय ने किया।

उभय पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से कांड दैनिकी तलब की है। अदालत में गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश देने से भी इनकार कर दिया।

थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 26 को बरवाअड्डा थाना में विधायक जयराम महतो , सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय सहित अन्य समर्थकों के विरूद्ध बरवड्डा थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया था।

प्राथमिकी में आरोप है कि गणेश दास को एक मामले में गिरफ्तार कर बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखा गया था। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो करीब 40-50 समर्थकों के साथ थाना पहुंचे।

आरोप है कि विधायक ने पुलिस पदाधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया और अपने समर्थकों से हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए कहा। थाना प्रभारी के अनुसार, समर्थक हाजत की ओर बढ़ने लगे। उन्हें रोकने के दौरान विधायक ने उन्हें धक्का दिया।

समर्थक ने मेज पर मुक्का मारकर बोर्ड तोड़ा

प्राथमिकी में आरोप है कि विधायक के साथ आए समर्थकों ने थाना प्रभारी के कार्यालय कक्ष में पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। इसी दौरान दिलीप चौधरी ने थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारा और वहां रखा पदनाम बोर्ड तोड़ दिया।

पुलिस ने दावा किया है कि थाना परिसर में विधायक के समर्थकों ने हंगामा करते हुए पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली।

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