जागरण संवाददाता, धनबाद: IIT ISM धनबाद में सत्र 2021-22 से सोशल मीडिया एंड कल्चर कोर्स की शुरुआत हो रही है। यह मास्टर्स (पीजी) कोर्स होगा। यह अपने आप में यूनिक कोर्स होगा, जो डेटा साइंस को मानविकी व सामाजिक विज्ञान को एकीकृत करेगा। इसके माध्यम से डिजिटल संस्कृति समेत अन्य क्षेत्र में विशेषज्ञ हो सकेंगे। आईआईटी आईएसएम ने इसकी शुरुआत कर दी है। यही नहीं, अगले एक-दो साल में आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग व मशीन लर्निंग मास्टर प्रोग्राम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए कई विभाग मिलकर योजना व तैयारी को अंतिम रूप दे रहे हैं।बताते चलें कि सत्र 2020-21 में कई विभागों ने मिलकर डेटा एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स व फार्मास्यूटिकल साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स को शुरू कर दिया है। देश की इंजीनियरिंग तकनीकि जरूरतों को पूरा करने के लिए आईआईटी धनबाद की ओर से ये कोर्स शुरू किया गया है। वर्तमान में आईआईटी में बीटेक, एमटेक, एमएससी समेत दर्जनों कोर्स संचालित हैं। आठ हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।

जल्द मिलेगी छात्रों को कई सुविधाएं

आने वाले समय में आईआईटी धनबाद में छात्रों को कई सुविधाएं मिलेंगी। सैंडविक माइनिंग और रॉक टेक्नोलॉजी, सैंडविक माइन ऑटोमेशन लर्निंग सेंटर के सेटअप के लिए सहमति बन गई है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी संस्थान का विशेष जोर है। नए-नए उत्पाद के मामले में पहले की तुलना में इस क्षेत्र में अधिक फोकस है। माइनिंग क्षेत्र में काम करने के लिए भारत सरकार ने टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) के लिए 110 करोड़ रुपए आवंटित किया है। खदानों में भी साइबर फिजिकल सिस्टम व एक्सप्लोरेशन पर काम होगा।

Edited By: Atul Singh