धनबाद, जेएनएन। अब जमीन के अंदर मौजूद खनिज पदार्थों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। यह तकनीकि भारत में विकसित हो रही है। वैसे तो ऐसी तकनीक विकसित करने में अमेरिका, चीन, अस्ट्रेलिया, फ्रांस सहित दुनिया के कई विकसित देश लगे हुए हैं, लेकिन इसमें शुरूआती सफलता भारत को मिली है। अभी हाल ही में केपीएमजी आइडिएशन चैलेंज 2020 आयोजित किया गया था, जिसमें भारत सहित दुनियां के 17 देशों की टीम शामिल हुई थी। बीते 24 अगस्त को हुए इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में 17 टीमों ने अपना-अपना प्रस्तुतीकरण दिया। टीमों की प्रस्तुती के आधार पर भारत, अमेरिका और चीन की टीम को शीर्ष तीन में जगह मिली।

इसके बाद 25 अगस्त को फाइनल राउंड के दौरान इन तीनों टीमों ने बारी-बारी से अपना प्रेजेंटेशन दिया। प्रत्येक टीम के लिए 20 मिनट का समय निर्धारित किया गया था। उस निर्धारित समय में ही उन्हें अपना प्रेजेंटेशन देना था। प्रेजेंटेशन के बाद 10 मिनट में जुरी के सवालों का जवाब भी देना था। पूछे गए सवाल और प्रेजेंटेशन के आधार पर टीम इंडिया ग्लोबल स्तर पर विजेता बन गई। भारत का प्रतिनिधत्व आइआइटी आइएसएम धनबाद की टीम नवचरितम कर रही थी। इस टीम में आइएसएम के अंतिम वर्ष के छात्र संचित कुमार, पार्थ हेतमसरिया और तृतीय वर्ष के छात्र सजन गुप्ता तथा वर्णिका कुमारी शामिल थीं।

टीम के सदस्य संचित कुमार ने बताया कि हमारी टीम ने जो तकनीक तैयार की है, उसे जमीन या माइसं के अंदर कौन सा खनिज है उसे आसानी से पता लगाया जा सकता है। इस तकनीक में एनालेटिकल कोडिंग सेंसर का उपयोग किया गया है। इसके माध्यम से एक इमेज तैयार किया जाएगा। उसके बाद उस इमेज के जरिए जमीन के अंदर की चीजों के बारे में पता लगाया जा सकेगा। संचित ने बताया कि जैसे हमने कोडिंग के जरिए एक फोट लिया अब उस फोटो में जो पत्थर दिख रहा है वह कौन सा मिनरल है। इससे जान सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह कोड एक्यूरेसी को बहुत बढ़ा देता है। इसलिए यह काफी कारगर होगा। चुकी तकनीक को विकसित करने का काम अंतिम चरण में है इसलिए इसे काफी गोपनीय रखा गया है।

नवचरितम मतलब कुछ नया क्रिएट करना  : टीम के पार्थ हेतमसरिया ने कहा हमने इस प्रतियोगिता के लिए काफी तैयारी की थी। माइनिंग की परेशानी को दूर करने पर अपना प्रोजेक्ट तैयार किया यह प्रतियोगिता पहले साउथ कोरिया में आयोजित होने वाली थी, लेकिन कोरोना वायरस के कारण ऑनलाइन हुई। देश के लिए गर्व का विषय है कि टीम विजेता बनी। संचित कुमार ने कहा कि टीम का नाम नवचरितम है इसका अर्थ होता है कुछ नया क्रिएट करना। जिंदगी  में कुछ नया करना इसी उद्​देश्य के साथ इस प्रोजेक्ट को तैयार किया। हमारे लिए टाॅप तीन में आना और उसके बाद विजेता बनना गर्व की बात है। प्रोजेक्ट के लिए आठ-नौ महीने से काफी मेहनत कर रहे थे। टीम की सदस्य वर्णिका कुमारी ने कहा कि इस प्रतियोगिता में केपीएमजी के गुड़गावं ऑफिस में ही वर्चुअल तौर पर जाकर शामिल हुई। ऑनलाइन दूसरे देशों के परफॉरमेंस को देखा और काफी कुछ सीखने को मिला। हमारा प्रोजेक्ट माइनिंग में सेंसर के उपयोग का इस्तेमाल करने से संबंधित है जिसे काफी पंसद किया गया।

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