धनबाद : निजी विद्यालयों के नामांकित छात्र-छात्राओं के प्रोफाइल की जांच और सत्यापन का आदेश शिक्षा विभाग ने दिया है। निजी विद्यालय का कहना है कि स्कूल बंद ऐसे में आंकड़ा मिलने में परेशानी हो रही है। झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिला सचिव इरफान खान ने कहा कि जिला शिक्षा अधीक्षक के द्वारा ई-विद्यावाहिनी में डाटा अपलोड करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से कोरोना काल में विद्यालय बंद है। कुछ दिनों के लिए कक्षा छह से ऊपर के विद्यालयों को खोला गया और उसे भी तुरंत बंद कर दिया गया।

जूनियर बच्चों के लिए तो विद्यालय खुला ही नहीं। ऐसी स्थिति में सभी विद्यालयों के पास बच्चों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। क्योंकि जब दो वर्षों में विद्यालयों में बच्चों ने नामांकन लिया ही नहीं तो बच्चे विद्यालय आए नहीं। बच्चों का आधार नंबर एसडीएमआइएस में इंट्री कैसे करें। इरफान ने कहा कि जिला शिक्षा अधीक्षक बताएं और हमारे साथ विद्यालय का भ्रमण करें तो उन्हें विद्यालय की स्थिति सामने दिखेगी। जो विद्यालय आनलाइन पढ़ा रहे हैं परंतु बच्चों की उपस्थिति नहीं के बराबर है। उन्होंने कहा कि गैर मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में जिस विद्यालय के पास 500 बच्चों की संख्या थी आज ऑनलाइन क्लास में मात्र 100 बच्चे ही जुड़ रहे हैं क्योंकि सभी घरों में ऑनलाइन और मोबाइल की सुविधा नहीं है जिला सचिव इरफान खान ने कहा कि जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्पष्ट आदेश निकाला हैं कि सत्यापन नहीं होने पर विभाग में निजी स्कूलों से संबंधित कोई कार्य नहीं होगा। एसोसिएशन इसका विरोध करता है। जब तक विद्यालय सरकार खोलने का आदेश नहीं देती है तब तक कोई भी गैर मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय ई-विद्या वाहिनी एसडीएमआईएस में छात्र-छात्राओं की इंट्री करने में असमर्थ है। जैसे ही विद्यालय खुलेगा। सभी निजी विद्यालय इस डाटा को भरेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में कितने किराया में चलने वाले निजी विद्यालय बंद हो गए हैं और सरकार का यही रवैया रहा तो कितने विद्यालय बंद हो जाएंगे।

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