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राहुल गांधी जैसे नहीं हेमंत सोरेन, Davos में झारखंड के मुख्यमंत्री के संबोधन शैली की हो रही प्रशंसा

By Digital Desk Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Thu, 22 Jan 2026 01:10 PM (IST)

Jharkhand Hemant Soren Davos Speech: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड की संभावनाएं प्रस्तुत कीं। ...और पढ़ें

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में भाग लेने के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में भाग लेने के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन।

HighLights

  1. हेमंत सोरेन ने दावोस में झारखंड की संभावनाएं प्रस्तुत कीं।

  2. उनके भाषण की राहुल गांधी के विदेशी बयानों से तुलना।

  3. सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण की इंटरनेट मीडिया पर खूब सराहना।

मृत्युंजय पाठक, धनबाद। झारखंड में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस (World Economic Forum, Davos) में शामिल हुए। वैश्विक मंच पर उन्होंने झारखंड की संभावनाओं, संसाधनों और निवेश के अवसरों को सामने रखा। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद न सिर्फ उद्योग जगत में बल्कि इंटरनेट मीडिया पर भी इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

खास बात यह रही कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाषण की तुलना कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के विदेशी दौरों के बयानों से की जाने लगी। कई यूजर्स ने हेमंत सोरेन की शैली, भाषा और संतुलन की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक नेतृत्व का उदाहरण बताया।

हेमंत सोरेन झारखंड में भाजपा विरोधी झामुमो-कांग्रेस-राजद-भाकपा माले महागठबंधन का नेतृत्व करते हैं। वह भाजपा गठबंधन को 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में पराजित कर लगातार दो बार से मुख्यमंत्री हैं। भाजपा और हेमंत सोरेन के बीच टकराव की राजनीति जगजाहिर है लेकिन उन्होंने विदेशी धरती पर केंद्र सरकार के खिलाफ बोलने के बजाय प्रशंसा की। 

विदेश में बयान और सियासत, राहुल गांधी से तुलना क्यों?

दरअसल, राहुल गांधी की विदेश यात्राएं अक्सर राजनीतिक विवादों में घिर जाती हैं। जब भी वे विदेशी मंचों से भारत, भारत सरकार या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर टिप्पणी करते हैं, तो देश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। भारतीय जनता पार्टी उन्हें देशविरोधी बयान देने का आरोप लगाकर घेरती रही है।

ऐसे में दावोस में हेमंत सोरेन के संबोधन को एक अलग दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंच से भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें पहली बार दावोस आने का अवसर मिला है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य, 2027 तक की दिशा और उसमें झारखंड की भूमिका पर स्पष्ट और संतुलित बात रखी।

इंटरनेट मीडिया पर तारीफ, सकारात्मक राजनीति की मिसाल

झारखंड की चर्चित शख्सियत कंचन उगुरसंडी( Kanchan Ugursandi), जिन्हें ‘बॉर्डर गर्ल’ और ‘बाइक गर्ल’ के नाम से जाना जाता है, ने एक्स पर मुख्यमंत्री की खुलकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि चाहे कितनी भी आलोचना की जाए, सीएम हेमंत सोरेन में ऐसी कई खूबियां हैं जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती हैं।

उन्होंने लिखा है-देश के भीतर भले ही वे केंद्र की भाजपा सरकार से राजनीतिक टकराव में रहते हों, लेकिन दावोस जैसे वैश्विक मंच पर उन्होंने भारत सरकार और सहयोगी मंत्रियों के साथ तालमेल दिखाया और सरकार का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के संबोधन में सकारात्मकता, दृढ़ता, आत्मविश्वास, सादगी और देश के प्रति सम्मान साफ झलकता है।

यही कारण है कि सोशल मीडिया पर लोग उनकी तुलना करते हुए कह रहे हैं कि वैश्विक मंचों पर इस तरह का संतुलित और मर्यादित दृष्टिकोण देश और राज्य-दोनों के हित में है।