धनबाद, मोहन गोप। तनावग्रस्त माहौल में युवा तेजी से बीपी-सुगर के साथ ह्रदय रोग के शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो धनबाद में लगभग 18 प्रतिशत लोग सुगर-बीपी से ग्रसित हैं। इसमें अधिकांश की उम्र 30 से 45 वर्ष के आसपास है। अब ऐसे लोगों के लिए विभाग सामने आया है।

स्वास्थ्य विभाग के एनपीसीडीसीएस सेल (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, सीवीडी एंड स्ट्रोक) के तहत धनबाद के 30 से 60 के बीच सभी लोगों की बीपी-सुगर, ह्रदय आदि की जांच की जाएगी। इसे पॉपुलेशन बेस्ड स्क्रीनिंग नाम दिया गया है। साथ ही मरीजों की काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। इसके लिए सिविल सर्जन ने सभी प्रखंडों के चिकित्सा प्रभारियों को निर्देश दिया है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा बीपी-सुगर : बीपी व सुगर के मरीजों में पहले 40 के बाद उम्र वाले लोग शामिल थे, वहीं अब युवा भी शामिल हो रहे हैं। खानपान में बदलाव, निष्क्रिय जीवन शैली आदि कारणों से अब 25-30 वर्ष के युवा भी तेजी से ग्रसित हो रहे हैं। युवाओं में तेजी से बीपी-सुगर बढ़ना चिंता का विषय हो गया है। धनबाद में भी तेजी से इसकी संख्या बढ़ रही है। सात माह में बीपी के 1959 व सुगर के 1712 नए मरीज मिले : वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले में सात माह (अप्रैल से अक्टूबर 2019) हाइपर टेंशन (बीपी) के 1959 व सुगर के 1712 नए मरीज मिले हैं। 574 ऐसे मरीज जाच में पाए गए हैं, जो बीपी व सुगर दोनों से ग्रसित हैं। सात माह में 28,844 लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई है। इन रोगों की होगी स्क्रीनिंग -बीपी -ह्रदय रोग -सुगर -कैंसर (ओरल सहित)

30 से ऊपर के लोगों का पॉपुलेशन बेस्ड स्क्रीनिंग कराया जाएगा। खासकर युवाओं को जागरूक किया जाएगा। जल्द अभियान शुरू कराया जाएगा।

-डॉ. गोपाल दास, सिविल सर्जन, धनबाद

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