धनबाद, जेएनएन। पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में शनिवार को पुलिस को राधा की गवाही की अनुमति कोर्ट से नहीं मिली। राधा की गवाही इस मामले में पहले हो चुकी है। वहीं मोबाइल सीडीआर से संबंधित दस्तावेज तैयार नहीं किए जाने के कारण अदालत ने इसकी अनुमति नहीं दी।

इस मामले में अनुसंधानकर्ता के जिरह के दौरान बचाव पक्ष ने जिस मोबाइल नंबर को बाहुबली बृजेश सिंह के शार्प शूटर पिंटू दुबे का मोबाइल नंबर बताया था, उस मोबाइल नंबर का सीडीआर 12 फरवरी को अभियोजन ने कोर्ट में दायर कर उसे साक्ष्य के तौर पर स्वीकार करने की याचना की थी। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने उस आवेदन को संचालित नहीं किया। उसकी जगह दूसरी धारा के तहत आवेदन दिया गया।

लोक अभियोजक बीडी पांडेय ने दलील देते हुए कहा कि संतोष समेत अन्य के विरुद्ध जारी अनुसंधान में उक्त मोबाइल का सीडीआर एसएसपी ऑफिस के टेक्निकल सेल द्वारा अनुसंधानकर्ता ने प्राप्त किया है। इसका अभिलेख पर आना आवश्यक है। इसे साबित करने के लिए टेक्निकल सेल के राधा कुमार की गवाही कराने की अनुमति दी जाए। इसका विरोध करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि अभियोजन को अपनी कमी को पूरा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

पूर्व विधायक संजीव समेत अन्य की हुई पेशी : सुनवाई के दौरान धनबाद जेल में बंद झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह की भी कोर्ट में पेशी हुई। उनके साथ पिंटू सिंह, धनंजय सिंह, अमन सिंह, डब्लू मिश्र, रोहित, कुर्बान, पंकज सिंह, विनोद सिंह, सतीश सिंह को कड़ी सुरक्षा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में पेश किया गया।

Posted By: Sagar Singh

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