जागरण संवाददाता, धनबाद। कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की जांच करने वाले और अस्पताल में देखभाल करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े हैं। धनबाद सदर अस्पताल में डीएमएफटी फंड के तहत अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारी, जिला यक्ष्मा विभाग के कर्मचारी और धनबाद अंचल के अंतर्गत काम करने वाले ठेका कर्मचारी (वीएलई) को वेतन नहीं मिलने से भारी नाराजगी है। कर्मियों का कहना है कि जहां जान की परवाह किए बगैर मरीजों की सेवा की। अब तक सरकार और प्रशासन की ओर से वेतन तक मुहैया नहीं कराया गया है। झारखंड सरकार ने कोरोना योद्धा का नाम तो दे दिया, लेकिन वेतन देना ही भूल गई।

धनबाद सदर अस्पताल

सदर अस्पताल में डीएसपी फंड के तहत वर्ष 2019 में लगभग एक सौ कर्मचारियों की बहाली की गई है। पहली और दूसरी लहर में कर्मचारियों ने मरीजों की सेवा की। लेकिन पिछले 5 महीने से इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। इसमें फार्मासिस्ट, नर्स, सफाई, कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, मैनेजर वगैरह-वगैहर पद के कर्मचारी हैं। कर्मचारियों का कहना है वैसे लोगों को वेतन और प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया जिसने कोविड-19 में सेवा नहीं दी है। लेकिन जिन्होंने अपना सारा समय संक्रमित मरीजों के बीच में गुजारा। आइसीयू में ड्यूटी की, स्वाब संग्रह किया, उन्हें ही वेतन से वंचित कर दिया गया है।

धनबाद जिला टीबी विभाग

जिला टीवी विभाग के कर्मचारी और लैब टेक्नीशियन को पहली और दूसरी लहर में कोरोना जांच और स्वाब संग्रह में लगाया गया। 24 घंटा बिना छुट्टी के कर्मचारी पहली और दूसरी लहर में मरीजों की सेवा करते रहे लेकिन फिलहाल 4 महीने से इन कर्मचारियों को भी वेतन नहीं मिला है, ना ही किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन राशि मिला है, इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। इसमें तमाम 37 कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है।

अंचल कार्यालय

अंचल कार्यालय के तहत 32 ठेका कर्मचारी रेलवे स्टेशन और विभिन्न जगहों पर यात्रियों की कोरोनावायरस की जांच कर रहे हैं। इन ठेका कर्मचारियों को भी पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिला है ना ही किसी भी प्रकार का इंसेंटिव मिला है। इस वजह से व्यवस्था से यह ठेका कर्मचारी भी खासे नाराज हैं पिछले दिनों रेलवे स्टेशन पर इन लोगों ने विरोध भी जताया था।

वेतन नहीं मिलने की जानकारी है। संबंधित विभाग को सूचित किया गया हैष जल्द ही इन कर्मचारियों को वेतन भुगतान कर दिया जाएगा।

-डॉ गोपाल दास, निवर्तमान सिविल सर्जन, धनबाद

Edited By: Mritunjay