धनबाद : बोकारो में शनिवार से दो दिवसीय आल इंडिया स्टील फेडरेशन का वार्षिक सम्मेलन वैसे कठिन व विपरीत परिस्थितियों में शुरू हो रहा है, जब देश में मजदूर वर्ग, ट्रेड यूनियन अधिकारों और श्रम सुधारों के नाम पर बेरहम हमलों का दौर जारी है। मजदूरों के हमलों में वर्तमान केंद्र सरकार सबको पीछे छोड़ चुकी है। यह कहना है ऑल इंडिया स्टील वर्कर्स फेडरेशन एटक के बोकारो महामंत्री रामाश्रय प्रसाद ¨सह का। वह शुक्रवार को सेक्टर वन स्थित यूनियन कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूंजी निवेश और विकास के नाम पर स्थायी मजदूरों की बहाली बंद कर फिक्सड टर्म इंप्लाइमेंट व ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से कोरपोरेट घरानों व मालिकों के हितों के लिए रास्ता खोल रही है। सेल कर्मियों ने कठिन परिश्रम कर विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सेल को मुनाफा में लाने का काम किया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार सेल के कई इकाई को बचना चाहती है। सेल में पेज-रिवीजन, सेल पेंशन स्कीम व बंद बहाली को चालू करने का मामला लंबित है। ठेका मजदूर को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान भी नहीं मिल रहा है। समान काम के लिए समान वेतन का पालन भी नहीं हो रहा है।

सम्मेलन में एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार, महासचिव अमरजीत कौर,प्रदेश महासचिव पीके गांगुली, राष्ट्रीय सचिव वीएस गिरी, एआईएसडब्लूएफ के महामंत्री आदिनारायण उपस्थित रहेंगे। मौके पर अबु नसर, ब्रजेश कुमार, बीके राम, बालेश्वर ¨सह, कर्मा तेली आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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