गिरिडीह, जेएनएन। कोरोना वायरस के नाम पर गुरुवार को अधिवक्ताओं के वाहन को न्यायालय में प्रवेश करने पर रोक दिया गया। इससे भड़के अधिवक्ताओं ने मुख्य गेट को जाम कर अदालत का बहिष्कार कर दिया। 

अदालत गेट पर अधिवक्ता धरने पर बैठ गए जो दोपहर दो बजे तक चला। इससे अदालत का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। 

गुरुवार को सुबह 10 बजे प्रतिदिन की तरह अधिवक्ताओं का न्यायालय में आना शुरू हुआ।  वाहन लेकर अंदर जाने पर सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि न्यायाधीश के आदेश पर वाहन प्रवेश को रोका जा रहा है। सुरक्षा कर्मियो का कहना था कि अधिवक्ता वाहन बाहर खड़ा कर ही अंदर प्रवेश करें। कोराना वायरस के संक्रमण से रोक-थाम के लिए वाहनों को रोका जा रहा है।  इससे नाराज़ अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने न्यायालय के मुख्य गेट को जाम कर दिया। गुस्साए अधिवक्ताओं ने कहा जब उनके वाहन के प्रवेश पर रोक है तो न्यायाधीश और न्यायालय कर्मियों के वाहन को भी  रोका जाए।

अधिवक्ताओं ने न्यायालय के इस निर्णय से नाराज़ होकर न्यायिक कार्य का भी बहिष्कार कर दिया। किसी भी अधिवक्ता ने किसी भी मामले में पैरवी नही की। संघ के सदस्य न्यायालय के मुख्य गेट पर दरी बिछाकर जमीन पर बैठ गए। संघ का धरना दिनभर चला। संघ के अध्यक्ष दुर्गा पांडेय,सचिव चुन्नुकान्त, उपाध्यक्ष बालगोविन्द साहू, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश सहाय,अजय कुमार सिन्हा, विशाल आनंद, परमेश्वर मंडल, शिवेंद्र सिन्हा, सूरज नयन, तुलसी महतो,ज्योतिष कुमार सिन्हा, कमलेश्वर नारायण देव, संजीव रंजन,मीरा कुमारी आदि ने धरने को संबोधित किया। कहा कि जबतक प्रधान जिला जज इस विषय में वार्ता नही करेंगे, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इधर एक अधिवक्ता को न्यायालय में पैरवी करते हुए संघ के सदस्यों ने पकड़ा। उसकी दूसरे अधिवक्ताओं ने जमकर फजीहत की।

Posted By: Mritunjay

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