धनबाद, जेएनएन। वासेपुर निवासी साबिर आलम के भाई वाहिद आलम की रांची में हुई हत्या में अदालत ने फहीम खान फैमिली को बाईज्जत बरी कर दिया है। फ हीम खान के अधिवक्ता शाहबाज सलाम  ने बताया कि रांची के सत्र न्यायायुक्त की अदालत ने वाहिद हत्याकांड के नामजद आरोपित फ हीम खान, उनके पुत्र इकबाल खान, भाई शेर खान और भतीजे चीकू खान को बाईज्जत बरी कर दिया है। वहींं दो अन्य आरोपित राजू खान व मंसूर के विरूद्ध सुनवाई अभी लंबित है।  

प्रतिशोध में हुई थी वाहिद की हत्याः 18 दिसंबर 2009 को रांची के हटिया रेलवे स्टेशन के समीप दिन के ढाई बजे  वाहिद आलम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब वह मोटरसाइकिल से जा रहा था। वाहिद के पुत्र फहद खान के बयान पर गैंग्स ऑफ वासेपुर के फ हीम खान, इकबाल खान, शेर खान, चीकू खान, राजू खान, शाहिद कमर व मंसूर खान के विरूद्ध रांची के जगन्नाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शाहिद कमर को पुलिस ने अनुसंधान के बाद क्लीन चिट दे दिया था।  

वहीं पुलिस की पूछताछ में दो आरोपितों ने माना था कि वाहिद खान की हत्या प्रतिशोध में की गई थी। फहीम की मां और मौसी की हत्या के प्रतिशोध में वाहिद की हत्या की गई थी।  

पुत्र ने किया था पहचान से इन्कारः  वाहिद की हत्या के मामले में उनके बेटे फ हद ने अदालत को दिए अपने बयान में आरोपितों फ हीम खान, इकबाल खान, शेर खान और चीकू खान का नाम नहीं लिया।  फ हद ने इन लोगों की पहचान नहीं की थी। 

वासेपुर छोड़कर रांची में रह रहा था वाहिदः वासेपुर में फहीम खान से खूनी अदावत शुरू होने के बाद वाहिद आलम गोपनीय तरीके से रांची में रह रहा था। वहां वह ठेकेदारी कर जीवनयापन कर रहा था। ज्यादातर लोगों को रांची में उसकी मौजूदगी की भी जानकारी नहीं थी लेकिन इसके बावजूद रांची में ही उसे गोलियों से दिनदहाड़े भून दिया गया था। 

Posted By: mritunjay