जासं, धनबाद: हत्या, धमकी, लूट जैसे कई अपराध वासेपुर में होते रहे है। अपराध की दूनिया में वासेपुर का इतिहास पुराना है। एक समय था जब वासेपुर में सिर्फ फहीम खान का सिक्का चलता था। मगर अब हर घर में अपराधी पैदा हो गए है। ऐसे ही एक अपराधी टीपू की तलाश में पुलिस धनबाद से बोकारो तक छापेमारी कर रही है। टीपू पर कपड़ा व्यवसाई मो. सलीम के घर के बाहर फायरिंग, मार्डन टायर दुकान के बाहर फायरिंग व डबलू अंसारी को गोली मारने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है।

इन तीनों कांड के पांच आरोपितों को पुलिस ने पूर्व में जेल भेजा है। मगर मुख्य आरोपित टीपू पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। टीपू प्रिंस खान का खास गुर्गा है। पूर्व में भी प्रिंस के इशारे पर उसने कई जगह फायरिंग की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस को शक है कि टीपू के पकड़े जाने से प्रिंस या गोपी तक भी पुलिस पहुंच सकती है। इधर पुलिस के द्वारा टीपू के घर वालों पर भी सरेंडर करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसे लेकर पुलिस ने टीपू के परिजनों से बैंक मोड़ थाना में घंटों पूछताछ की है। गौरतलब हो कि इन तीनों कांड में शामिल मो. आयान उर्फ नानू और छोटू के घर पर दबाव बनाने के बाद ही उन लोगों ने सरेंडर किया था।

प्रिंस का खास व वफदार गुर्गा है टीपू: टीपू वासेपुर में प्रिंस का सबसे खास गुर्गा माना जाता है। प्रिंस के कहने पर उसने कई कांड को अंजाम दिया है। हालांकि पूर्व में कई बार वह जेल जा चुका है। मगर अभी तीन कांड को अंजाम देने के बाद टीपू फरार चल रहा है। टीपू की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस के लिए भी सिरदर्द बनी हुई है। वह आगे भी कई कांड को अंजाम दे सकता है।

डबलू को गोली मारने में टीपू का हाथ : प्रिंस के गुर्गों द्वारा पांडरपाला निवासी डबलू अंसारी को गोली मारने के बाद उसकी हालत अब और गंभीर हो गई है। डबलू का इलाज दुर्गापूर मिशन अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने डबलू के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग भी किया है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि अप्सरा प्रतिष्ठान के संचालक मो. सलीम के घर के बाहर फायरिंग और डबलू अंसारी को गोली मारने में एक ही पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है।

Edited By: Atul Singh