राजीव, दुमका: दुमका में संचालित फूलोझानो हास्पिटल एवं मेडिकल कालेज राष्ट्रीय आर्युविज्ञान आयोग के मानकों पर खरा नहीं है। मेडिकल कालेज में सबसे बड़ा बाटल नेक संसाधनों की कमी है। राज्य सरकार के स्तर से अप्रैल माह में जो रिपोर्ट राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को भेजी गई है उसके मुताबिक यहां 50 फीसद से अधिक विषय विशेषज्ञ व्याख्याताओं की कमी है। जबकि कायदे से 18 फीसद तक की कमी होने की स्थिति में ही एनएमसी कालेज संचालन के लिए स्वीकृति प्रदान करती है।

हाल यह है कि फूलाझानो मेडिकल एवं हास्पिटल में अध्ययनरत छात्रों को न तो फैकल्टीवाइज व्याख्याता उपलब्ध हैं और ना लैब। इन कमियों की वजह से यहां अध्ययनरत पहले बैच के छात्र परेशान हैं। कालेज के छात्रों के लिए कहने को तो 23 संकायों की पढ़ाई हो रही है लेकिन अधिकांश संकायों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी है। ट्यूटर के भरोसे ही छात्रों का पठन-पाठन चल रही थी लेकिन अब उन्हें विरमित कर दिया गया है। कालेज में सहायक प्राध्यापक 37 के विरूद्ध अभी 15 कार्यरत हैं। अब तो स्थिति और भी भयावह हो गई है। जुलाई माह में 13-14 ट्यूटर और सीनियर रेजीडेंट भी विरमित कर दिए गए हैं। इनके स्थान पर अब तक सरकार के स्तर से कोई पदास्थापन या प्रतिनियुक्ति भी नहीं हुई है। कालेज प्रबंधन का कहना है कि यहां व्याप्त कमियों को लेकर सरकार को लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

 

क्या कहते हैं कालेज के प्राचार्य

एनएमसी से मांगी गई जानकारी को अप्रैल माह में ही मुहैया करा दी गई है। आधारभूत संरचनाओं से संबंधित तमाम स्थितियों की जानकारी से अवगत कराया गया है। तमाम विभागों में मानव संसाधन की कमी है। लैब समेत अन्य आधारभूत संरचनाओं की कमियों से भी अवगत कराया गया है। अब तक एनएमसी के स्तर से फिजिकल वेरीफिकेशन नहीं हुआ है। कब होगी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इधर नए सत्र के लिए नीट की परीक्षा हो गई है लेकिन वेबसाइट पर दुमका के लिए सीटों की संख्या के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। नामांकन को लेकर भी सरकार के स्तर से कोई सूचना नहीं दी गई है।

डा.अरुण कुमार प्राचार्य, फूलोझानो मेडिकल कालेज व हास्पिटल, दुमका

Edited By: Atul Singh