यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sanjeev Singh: पांच महीने बाद दुमका से धनबाद जेल में शिफ्ट हुए झरिया के पूर्व विधायक, समर्थकों ने फोड़े पटाखे
Sanjeev Singh झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को दुमका जेल से धनबाद जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, धनबाद। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को दुमका से धनबाद जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। दो सप्ताह पहले हाई कोर्ट रांची ने धनबाद जेल में रखने का आदेश जारी किया था। इसके मद्देनजर जेल आइजी ने शुक्रवार को शिफ्ट करने का निर्देश जारी किया था। शनिवार को दुमका से कड़ी सुरक्षा में धनबाद लाया गया। करीब 4 बजे दुमका केंद्रीय कारा से धनबाद के लिए रवाना हुए। तीन घंटे के सफर के बाद देर शाम करीब 7 बजे यहां पहुंच गए। उनके साथ सिंह मैंशन और भाजपा समर्थक भी थे। संजीव को धनबाद लाने के बाद उनके समर्थक में जोश और जश्न का आलम है।

राजनीतिक दबाव में धनबाद से दुमका किया गया था शिफ्ट
झरिया के पूर्व विधायक और भाजपा नेता संजीव सिंह धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में आरोपित हैं। 21 मार्च, 2017 को सरायढेला थाना क्षेत्र से स्टील गेट के पास नीरज और उनके सहयोगियों को गोलियों से भून दिया गया था। इसी मामले में संजीव सिंह जेल में हैं। नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह झरिया से कांग्रेस की विधायक हैं। झारखंड में झामुमो और कांग्रेस गठबंधन की सरकार है। कहा जाता है कि पूर्णिमा सिंह के दबाव के कारण हेमंत सोरेन सरकार ने धनबाद से दुमका शिफ्ट करने का निर्णय लिया था। धनबाद जेल में खतरा बताते हुए 21 फरवरी, 2021 को दुमका शिफ्ट कर दिया गया था।
सड़क से कोर्ट तक हुई शहमात की लड़ाई
संजीव सिंह को दुमका शिफ्ट करने के विरोध में भाजपा नेताओं ने धनबाद में धरना-प्रदर्शन किया। सिंह की पत्नी और झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य रागिनी सिंह ने झरिया की विधायक पूर्णिमा सिंह पर राजनीतिक साजिश कर दुमका शिफ्ट करवाने का आरोप जड़ा। संजीव की ओर से धनबाद कोर्ट में स्थानांतरण के विरोध में याचिका दायर की गई। कोर्ट ने स्थानांतरण को गलत बताते हुए तुरंत वापस लाने का आदेश दिया। हालांकि धनबाद कोर्ट के आदेश का अनुपालन न कर जेल आइजी हाई कोर्ट रांची पहुंच गए। हाई कोर्ट में संजीव सिंह के वकील और झारखंड सरकार के वकीलों के बीच कानूनी लड़ाई लड़ी गई।
दो सप्ताह के अंदर धनबाद लाने का हाई कोर्ट ने दिया था आदेश
झारखंड हाईकोर्ट रांची के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने 23 जुलाई, 2021 को दो सप्ताह में निचली अदालत के आदेश के अनुपालन करने का आदेश राज्य सरकार को दिया था। इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद पांच जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया। बाद में अदालत ने दुमका जेल से धनबाद जेल वापस लाने का निर्देश दिया। इस आदेश के तहत शनिवार को जेल शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
धनबाद लाने दुमका गए थे समर्थक
जेल आइजी ने संजीव सिंह को धनबाद लाने की जिम्मेदारी दुमका के जेल अधीक्षक को दी थी। दुमका जेल से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को धनबाद लाया गया। उन्हें यहां लाने के लिए समर्थक भी दुमका गए थे। संजीव को जिस सरकारी वाहन से धनबाद लाया जा रहा था उसके साथ-साथ समर्थक भी चल रहे थे।
रणधीर वर्मा चाैक पर फोड़े गए पटाखे
भाजपा विधायक संजीव सिंह रात करीब 7 बजे धनबाद जेल गेट पहुंचे। जब वे जेल के अंदर प्रवेश कर रहे थे उस समय उनके कुछ समर्थकों ने शहर के रणधीर वर्मा चाैक पर खड़े होकर पटाखे फोड़े।
