महुदा, जेएनएन। महुदा स्थित फल और सब्जी बाजार में शुक्रवार की देर शाम भीषण आग लग गई। आग देखते ही देखते आग ने पूरे बाजार को अपनी चपेट में ले ली। डेढ़ से दो दर्जन दुकानें जलकर पूरी तरह खाक हो गई। अगलगी में 15 से 20 लाख रुपये के समानों का नुकसान होने का अनुमान है। आग का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। माैके पर लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। इस घटना के बाद दुकानदारों में आक्रोश देखा जा रहा है। राहगीरों के साथ झड़प भी हुई।

देखते ही देखते आग विकराल हो गई

धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर महुदा बाजार में सड़क किनारे अवस्थित कई फल एवं सब्जी दुकानो में शुक्रवार की संध्या आग लग गयी। आग किस कारण से लगी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन संभावना व्यक्त की जा रही है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। आग लगने से मो० शाहिद, म़ो शाकिर एवं गोपाल प्रसाद की फल दुकान, सुबोध जनरल स्टोर तथा राजेन्द्र, हरिनाथ, बासू, अकबर, शोहेल एवं बहादुर की सब्जी दुकान जलकर राख हो गयी। आग लगने से लगभग 15 से 20 लाख रूपये की सम्पति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इस संबंध में प्रत्यक्ष दर्शियो ने बताया कि लगभग संध्या 7:00 बजे मो शाहिद के फल दुकान से आग की लपटे उठती दिखी जो देखते ही देखते इतना विकराल हो गई। कोई आग के समीप जाने की हिम्मत नहीं कर सका।

तीन दमकल पहुंचने के बाद आग आया काबू में

लगभग 8:00 बजे धनबाद बोकारो से दमकल की तीन गाडिया पहुंची तब आग पर काबू पाया गया। इस बीच सूचना देने के बावजूद देर से आने पर महुदा पुलिस के साथ लोगो की झड़प भी हुई।। आग लगभग समाप्त हो गई तब जाकर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। देर से आने पर कुछ लोगो ने दमकल कर्मियो को भी भला बुरा कहना चाहा। लेकिन आसपास के दुकानदारो ने उन लोगो को समझा बुझाकर हटा दिया। कई दुकानदारों को रोते बिलखते देखा गया। दुकानदारों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग कैसे लगी इस सम्बन्ध में महुदा पुलिस जांच- पड़ताल कर रही है।

धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को किया जाम

आग लगने के बाद लोगों ने फायर ब्रिगेड को फोन लगाया। लेकिन दमकल नहीं पहुंचा। इससे नाराज लोगों ने धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दाैरान सड़क से गुजर रहे वाहन पर सवार लोगों के साथ झड़प भी हुई। आग लगने के काफी देर बाद तीन दमकल पहुंचे। इसके बाद आग पर काबू पाया गया। आग से जिन लोगों की दुकानें जल गईं, वे काफी आक्रोशित दिखे। उनका कहना था कि लॉकडाउन और कोरोना के कारण पहले ही उनके धंधे की कमर टूट गई है। अब आग से पूरी तरह बर्बाद हो गए।