धनबाद, जेएनएन। झारखंड के संताल प्रमंडल का साहिबगंज जिला कोरोना के मैप पर नहीं आया था। एक पॉजिटिव मरीज मिलने के साथ ही साहिबगंज जिला भी कोरोना के मैप पर आा गया है। इसी के साथ झारखंड के सभी 24 जिलों में कोरोना पहुंच चुका है। साहिबगंज में जो कोरोना मरीज मिला है वह राजमहल उपकारा में बंद था। इससे उपकारा के अंदर में बंद अन्य बंदियों तक कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका जताई जा रही है। अपने बीच कोरोना मरीज की जानकारी मिलने के बाद उपकारा के दूसरे बंदी हलकान-परेशान हैं। साहिबगंज प्रशासन यह स्क्रीनिंग करने में जुट गया है कि पॉजिटिव बंदी के साथ काैन-काैन दूसरे बंदी संपर्क में आए थे। ऐसे बंदियों का स्वाब सैंपल लेकर कोरोना जांच की जाएगी। 

झारखंड में कोरोना के संक्रमण ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रवासियों के आने के बाद से मरीजों की संख्या में वृद्धि के रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैैं। शनिवार को भी राज्य में रिकॉर्ड 72 मरीज मिले। एक दिन पूर्व शुक्रवार को भी 46 मरीज मिले थे। शनिवार को मिले मरीजों में सर्वाधिक  43 लोग पूर्वी सिंहभूम के हैैं। वहीं अबतक कोरोना से अछूते रहे साहिबगंज में भी एक मरीज मिलने के बाद कोविड-19 का संक्रमण राज्य के हर जिले में पहुंच गया है। इस बीच राहत की बात यह है कि शनिवार को ही झारखंड में 38 मरीज कोरोना को मात देते हुए स्वस्थ भी हुए। राज्य में अबतक 258 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। शनिवार को स्वस्थ होनेवालों में रांची के पांच, कोडरमा के 19, गढ़वा के 13 तथा पश्चिमी सिंहभूम के एक मरीज शामिल हैैं। 

शनिवार को मिले नए मरीजों में पूर्वी सिंहभूम के 43, धनबाद के 13, हजारीबाग तथा सिमडेगा में चार-चार, गढ़वा तथा खूंटी में दो-दो और गुमला, पाकुड़, साहिबगंज व पलामू के एक-एक मरीज शामिल हैैं। ये सभी प्रवासी मजदूर हैैं और मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली व अन्य शहरों से आए हैैं। राज्य में अब कोरोना के 332 सक्रिय केस हो गए हैं। वहीं अबतक कोरोना से संक्रमित हुए मरीजों की कुल संख्या 575 तक पहुंच गई है। राज्य में अबतक कोरोना से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। 

जेल में बंद है साहिबगंज का मरीज 

साहिबगंज में कोरोना पॉजिटिव पाया गया युवक राजमहल इलाके का है। उसने कुछ दिन पहले क्वारंटाइन सेंटर में हंगामा किया था। इस कारण उसे गिरफ्तार कर राजमहल उपकारा भेज दिया गया था। कोरोना पाजीटिव निकला मरीज पिछले दिनों राजमहल थाना प्रभारी चिरंजीत प्रसाद से उलझ गया था। पिछले 13 मई को जालंधर से आने के बाद उसे प्रखंड की मोहनपुर पंचायत के लालबथान स्थित आइटीआइ छात्रावास में बनाए गये क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। क्वारंटाइन सेंटर में विभिन्न प्रखंडों के मजदूर थे। सभी अपने प्रखंड में भेजे जाने की मांग कर रहे थे। प्रशासन भी इसकी व्यवस्था में लगा था तभी सभी मजदूर केंद्र का शौचालय, खिड़की तथा दरवाजा तोड़ कर केंद्र से बाहर निकल आए थे। सूचना मिलने पर मौके पर राधानगर तथा राजमहल थाना पुलिस को घटनास्थल पर भेजा गया था जिसपर कुछ प्रवासी मजदूरों ने पथराव भी किया था। इस संबंध में केंद्र के प्रभारी तथा प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी बिजय कुमार चौधरी के बयान पर मामला दर्ज किया गया था। तीनों आरोपित को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया था जिसे अगले दिन न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।

जेल में क्वारंटाइन था कोरोना मरीज 

हालांकि किसी को पता नहीं था कि बंदी कोरोना का मरीज है लेकिन उसे अंदर ही क्वारंटाइन कर रखा गया था। इसके बावजूद दूसरे बंदियों के संपर्क में आने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि क्वारंटाइन के दाैरान भी वहां माैजूद लोग आपस में मिलते ही रहते हैं। इस कारण संक्रमण का डर बना हुआ है। 

 

Posted By: Mritunjay

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