फूलों की होली के साथ भागवत कथा का समापन

टुंडी : टुंडी प्रखंड के ओझाडीह गांव में बीते गुरुवार को जलयात्रा से शुरू सप्ताहव्यापी संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन गुरुवार को वृंदावन धाम से पधारीं ब्रजप्रिया किशोरी अदिति जी ने भगवान श्रीकृष्ण की सबसे मधुर लीला महारास लीला का वर्णन किया। कथा को आगे बढ़ाते हुए द्वारिकापुरी में द्वारिकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के राजकाज सहित जरासंध वध, महाभारत कथा व सुदामा मिलन की कथा सुनाई।

सुदामा मिलन की कथा में कृष्ण-सुदामा मिलन की जीवंत झांकी को देख उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के अंत में राधे-राधे-राधे बरसाने वाली राधे, गीत के साथ फूलों की होली खेली गई। राधे-कृष्ण को फूलों की वर्षा से नहला दिया गया। आज कथा विश्राम के मौके पर ओझा परिवार ओझाडीह के कुलगुरु स्थल देवपहाड़ी मठ के गुरुदेव स्वामी गौरवानंद जी महाराज उपस्थित थे। भागवत कथा समिति सोलह आना ओझाडीह के सदस्यों ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कथा को सुनने ओझाडीह सहित आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु सहित सगे-संबंधी, ब्राह्मण उपस्थित थे। कथा विश्राम के पश्चात महाभंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों लोगों ने पूड़ी-सब्जी, बुंदिया, खीर, खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। इस कथा के आयोजन से ओझाडीह के चतुर्दिक परिक्षेत्र का वातावरण वृंदावन धाम जैसा बन गया था। कथा आयोजन में सोलह आना समिति ओझाडीह के सदस्य सक्रिय दिखे।

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