धनबाद, जेएनएन। चुनाव आयोग के नियमों का पालन नहीं करना कुछ प्रत्याशियों को महंगा पड़ सकता है। फिलहाल धनबाद के 91 में से तीन प्रत्याशी चुनाव आयोग की रडार पर आ गए हैं। इनमें मासस प्रत्याशी बिरू आनंद सिंह, हम के राम विनय सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी आलम अंसारी शामिल हैं।

चुनाव आयोग के प्रावधान के तहत प्रत्याशी को नामांकन से लेकर मतगणना तक तीन बार चुनाव खर्च का ब्यौरा जमा करना होता है। खर्च को ब्यौरा दो बार मतदान से पूर्व जमा करना होता है। ऐसे में गत 14 दिसंबर को दूसरी बार चुनाव खर्च जमा करने की अंतिम तिथि थी। इस तिथि तक धनबाद विधानसभा से मासस प्रत्याशी बिरू आंनद सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम) प्रत्याशी राम विनय सिंह और झरिया से निर्दलीय प्रत्याशी आलम अंसारी ने अपना खर्च का ब्यौरा जमा नहीं किया।

चुनाव आयोग के नियमानुसार, ऐसे प्रत्याशियों को अयोग्य घोषित किया जाता है। साथ ही उनके आने वाले तीन सालों तक किसी भी प्रकार के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसी नियम के कारण झारखंड राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा इस बार का झारखंड विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सके। उन्होंने भी चुनाव खर्च का ब्यौरा आयोग को जमा नहीं कराया था। इसलिए वे इस बार चुनाव नहीं लड़ सके।

Posted By: Sagar Singh

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