डीवीसी मैथन टेंडर: 36 लाख के काम के लिए 36 हजार की बोली, समान दर पर उठे सवाल
DVC मैथन के 36 लाख रुपये के आवासीय भवन ध्वस्तीकरण टेंडर में तीन संवेदकों ने मात्र 36,628 रुपये की समान बोली लगाई है।

डीवीसी का मैथन आफिस। (फाइल फोटो)
HighLights
डीवीसी मैथन भवन ध्वस्तीकरण के 36 लाख के टेंडर में।
तीन संवेदकों ने मात्र 36,628 रुपये की समान बोली लगाई।
यह असामान्य रूप से कम दर प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
धर्मदेव चौधरी, मैथन (धनबाद)। डीवीसी मैथन के आजाद नगर में तीन मंजिला आवासीय भवन को तोड़ने के लिए निकला 36 लाख रुपये का टेंडर अब अपनी दर को लेकर चर्चा में है। टेंडर में 18 संवेदकों ने भाग लिया, लेकिन निविदा खुलने के बाद तीन संवेदकों की बोली ने पूरी प्रक्रिया को खासा रोचक बना दिया।
तीनों ने अनुमानित लागत से करीब 99 प्रतिशत कम, महज 36,628 रुपये में काम करने की दर दी है। खास बात यह है कि तीनों की बोली एक-दूसरे से एक रुपये भी अलग नहीं है।
समान दर देने वालों में केएन घरत, ए. वन इंटरप्राइजेज और एके मल्टी ट्रेडर्स शामिल हैं। करीब 300 से अधिक क्वार्टर वाले तीन मंजिला भवन को ध्वस्त करने के लिए 36 लाख रुपये की अनुमानित लागत रखी गई थी। ऐसे में 36,628 रुपये की बोली सामने आने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर टिक गई है।
एक दर, तीन दावेदार
18 संवेदकों में तीन का एक ही दर पर निविदा देना इस टेंडर की सबसे अहम बात बन गई है। अब डीवीसी को नियमानुसार निविदाओं का परीक्षण कर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। समान दर होने की स्थिति में किस आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
मलबा निस्तारण भी बड़ी चुनौती
इतने बड़े भवन को ध्वस्त करने के साथ निकलने वाले मलबे को हटाना और उसका निस्तारण करना भी काम का अहम हिस्सा है। ऐसे में 36,628 रुपये की दर पर पूरा काम किस प्रकार किया जाएगा, यह सवाल भी टेंडर के मूल्यांकन के दौरान महत्वपूर्ण रहेगा।
अब निगाहें डीवीसी प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर हैं। तकनीकी व वित्तीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस असामान्य रूप से कम दर वाली निविदा पर क्या निर्णय लिया जाता है।
