जागरण संवाददाता, धनबादः कोरोना कहर के कारण जिले के दुर्गा पूजा समितियां इस बार भी दुर्गा पूजा सादगी के साथ मनाने का निर्णय ले लिया हैं। इस बार शहर में कम खर्च में साधारण रूप से दुर्गाेत्सव मनाने की तैयारी चल रही है। इस वर्ष दुर्गा पूजा में सभी जगह 4-6 फीट की प्रतिमा व पंडाल 15-20 फीट की बनाई जाएगी। कहीं-कहीं पर छोटा पंडाल तो कहीं पर सिर्फ आर्टिफिशियल फुलों से साजकर सादगी के साथ पूजा मनाने का निर्णय लिया गया है। दुर्गा पूजा को लेकर जिले के 465 छोटे- बड़े पूजा समिति हैं। सभी का बजट आसमान से जमीन तक आ गया है। जिले के बड़े पूजा समितियों का मानना है कि इस बार भी मेला नहीं लगाना है। सिर्फ पंडाल व मूर्ति स्थापित कर पूजा आयोजन करना है। कई समितियों कहना है कि जब सादगी के साथ दुर्गा पूजा मनाना है, तो लोगों से चंदा लेने नहीं हैं। क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण आमजन से लेकर व्यापारी वर्ग तक आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, ऐसे में उन पर चंदा का भार डालन उचित नहीं समझ गया। इसलिए कमेटी के सदस्यों के सहयोग से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा। समितियों का कहना है कि हालांकि सरकार की तरफ से दुर्गा पूजा को लेकर जो भी गाइडलाइन जारी किया जाएगा, उसका पुरा पालन किया जाएगा। 

मूर्तिकारों की कमाई पर लगा अंकुश

 मूर्तिकारों का कहना है कि कोरोना की शुरुआत से ही कमाई पर अंकुश लगा हुआ हैं। सोचा था

की दुर्गा पूजा में आयोजन बड़ा होगा तो बड़ी प्रतिमा बनाई जाएगी, जिससे कमाई अच्छी होगी। लेकिन सादगी से पूजा आयोजन में छोटी प्रतिमा बनाई जाएगी, जिससे सिर्फ कारीगरों का खर्च निकलेगा।

-दो साल पहले पंडाल व मूर्ति का खर्च -  इस साल का खर्चः

झारखंड मैदानः 15 लाख - 3लाख

स्टील गेटः 15 लाख - 3 लाख 

भूदा पूजा पंडाल: 7 लाख - 1 लाख

तेतूलतला मैदानः 8 लाख-2 लाख

न्यू रेलवे कालोनीः 3 लाख- 3 लाख 

मरवाड़ी पट्टीः 7 लाख - 2 लाख

मनईटांड पानी टंकीः 6 लाख- 2 लाख 

Edited By: Atul Singh